टीम झूलेलाल न्यूज़ जलगांव :  संत साई साधराम साहेब के ब्रह्मलीन होने से सिंधी समाज में गहरा शोक व्याप्त है। उनके अंतिम संस्कार के मद्देनजर जलगांव शहर के सिंधी समाज द्वारा गुरुवार, 21 मई को पूर्ण बंद का निर्णय लिया गया है। समाज के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने श्रद्धांजलि स्वरूप अपनी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, संत साई साधराम साहेब के निधन की खबर के बाद सिंधी समाज में शोक की लहर फैल गई है। समाज के लोगों ने उनके आध्यात्मिक, सामाजिक और धार्मिक योगदान को याद करते हुए अंतिम संस्कार के दिन व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया है। इस बंद का उद्देश्य संत के प्रति श्रद्धा, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त करना बताया जा रहा है।

सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने जलगांव शहर के सभी सिंधी व्यापारियों, दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों से बंद में सहयोग करने की अपील की है। समाज का कहना है कि यह निर्णय किसी विरोध या आंदोलन के तहत नहीं, बल्कि अपने पूज्य संत को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए लिया गया है।

गुरुवार को जलगांव शहर में सिंधी समाज से संबंधित कपड़ा, किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, मोबाइल, स्टेशनरी तथा अन्य विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहने की संभावना है। समाज के कई सदस्यों ने नागरिकों से भी सहयोग और समझदारी बनाए रखने की अपील की है।

संत साई साधराम साहेब के अनुयायियों का मानना है कि उन्होंने जीवनभर समाज को सेवा, मानवता, भाईचारे और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके ब्रह्मलीन होने से सिंधी समाज को एक बड़ी आध्यात्मिक क्षति हुई है। ऐसे में अंतिम संस्कार के अवसर पर जलगांव में बंद रखकर उन्हें सामूहिक श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया गया है।

हजूरी रूप साइ साधराम साहब जी के अंतिम संस्कार कार्यक्रम का श्रद्धांजलि कार्यक्रम पूज्य समाज मंदिर में सुबह 9.30 बजे रखा गया है|

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