टीम झूलेलाल न्यूज़ जलगांव :  पशुपालन खानदेश क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण कृषि पूरक व्यवसाय है और यदि इसे वैज्ञानिक पद्धति से किया जाए तो उत्पादन में निश्चित रूप से वृद्धि संभव है। यह प्रतिपादन रोहन घुगे ने किया।

जिला पशुसंवर्धन विभाग की ओर से पशुसंवर्धन दिवस के अवसर पर जिला परिषद के छत्रपति शाहू महाराज सभागार में मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में वे संबोधित कर रहे थे।

इस कार्यक्रम में करिश्मा नायर, रणधीर सोमवंशी, सुनील दोहरे तथा डॉ. प्रदीप झोड सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी रोहन घुगे ने कहा कि पहले की तुलना में पशुसंवर्धन विभाग द्वारा अब अधिक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन एक चुनौतीपूर्ण व्यवसाय है, लेकिन यदि इसे खेती के साथ पूरक व्यवसाय के रूप में अपनाया जाए तो इससे निश्चित रूप से सफलता और अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है।

उन्होंने बताया कि जलगांव जिले में कई क्षेत्रों में समृद्ध खेती की जाती है, जिससे यहां पशुपालन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकारी योजनाओं के माध्यम से बकरी पालन, भेड़ पालन और कुक्कुट पालन के क्षेत्र में किसानों और पशुपालकों के लिए बड़े अवसर उपलब्ध हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से पशुसंवर्धन विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक पशुपालकों को इसका लाभ दिलाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर ने कहा कि यह कार्यशाला पशुसंवर्धन विभाग की विभिन्न योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और पशुपालन को उद्योग का स्वरूप देने में मददगार साबित होगी। कार्यक्रम में “पशुधन वार्ता” पत्रिका का भी मान्यवरों के हस्ते विमोचन किया गया।

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