प्यासे बेजुबान जीवों के लिए मदद का हाथ; रमेशकुमार मुनोत ने पांजरापोल संस्था को भेंट किए 100 जलकुंड

डेढ़ महीने में 500 परिंडे और 500 जलकुंडों का निःशुल्क वितरण

मानसून में शुरू करेंगे ‘हरित जलगांव’ जैसे नवाचारपूर्ण पर्यावरणीय अभियान

जलगांव | प्रतिनिधि

भीषण गर्मी में प्यास से जूझ रहे बेजुबान पशु-पक्षियों की सहायता के लिए आगे आते हुए ओम साई रियल एस्टेट कंसल्टेंट्स के संचालक एवं समाजसेवी रमेशकुमार मुनोत ने एक प्रेरणादायी पहल की है। उन्होंने जलगांव स्थित श्री पांजरापोल संस्था को 100 जलकुंड भेंट कर पशु-सेवा और सामाजिक संवेदनशीलता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इन जलकुंडों के माध्यम से गायों, बछड़ों और अन्य पशुओं को गर्मी के दिनों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।

भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए बने सहारा

इस वर्ष जलगांव जिले में तापमान कई बार 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। तेज गर्मी और जलसंकट के कारण पशु-पक्षियों के सामने पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी। ऐसे समय में केवल चिंता व्यक्त करने के बजाय रमेशकुमार मुनोत ने स्वयं आगे बढ़कर पशु-पक्षियों के लिए निःशुल्क परिंडे (पानी के पात्र) और जलकुंड वितरित करने का अभियान शुरू किया।

1000 से अधिक जलस्रोत सामग्री का निःशुल्क वितरण

उनकी इस पहल को नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। पिछले डेढ़ महीने के दौरान उन्होंने 500 से अधिक परिंडे और 500 से अधिक जलकुंड निःशुल्क वितरित किए हैं। इस प्रयास से जिले के अनेक स्थानों पर पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था हो सकी है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का सकारात्मक संदेश भी समाज में पहुंच रहा है।

समाज के लिए प्रेरणा बने रमेशकुमार मुनोत

रमेशकुमार मुनोत का यह कार्य केवल दान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और बेजुबान जीवों के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है। आज के व्यस्त जीवन में जहां पशु-पक्षियों की जरूरतें अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं, वहीं उनकी यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।

मानसून में शुरू होगा ‘हरित जलगांव’ अभियान

रमेशकुमार मुनोत ने बताया कि आगामी वर्षा ऋतु में भी वे पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अभिनव कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं। जलगांव को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से वृक्षारोपण और अन्य पर्यावरण अनुकूल गतिविधियां चलाई जाएंगी। इन अभियानों से लोगों में पर्यावरण संरक्षण तथा पशु-पक्षियों के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अधिक मजबूत होगी।

समाज को दिया संवेदनशीलता का संदेश

रमेशकुमार मुनोत का यह उपक्रम समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि किसी प्यासे जीव को पानी का एक पात्र उपलब्ध कराना भी बड़ी मानव सेवा है। उनके इस कार्य से प्रेरणा लेकर अधिक से अधिक लोगों को पशु-पक्षियों की सहायता और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की आवश्यकता है।

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