‘ले लो हमारी जान… क्या जलगांवकरों की जान इतनी सस्ती है?’

धुले जाने वाले बायपास को बंद कर भारी वाहनों को शहर में मोड़ने पर नगरसेवक अरविंद देशमुख का प्रशासन पर तीखा हमला

जलगांव, प्रतिनिधि : धुले की ओर जाने वाले बायपास मार्ग को बंद किए जाने के बाद भुसावल की ओर से धुले जाने वाले सभी भारी वाहनों को अब जलगांव शहर के भीतर से मोड़ा जा रहा है। इसके चलते शहर में भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से यातायात जाम के साथ ही गंभीर सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। इस मुद्दे को लेकर प्रभाग क्रमांक 15 के नगरसेवक अरविंद देशमुख ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि क्या जलगांवकरों की जान इतनी सस्ती है?

नगरसेवक अरविंद देशमुख ने कहा कि बायपास मार्ग बंद होने के कारण भारी वाहनों को शहर के भीतर से गुजारा जा रहा है। इससे शहर में बड़े पैमाने पर यातायात की समस्या पैदा होगी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा। ऐसे में किसी निर्दोष नागरिक की जान जाने की स्थिति उत्पन्न हुई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

‘बायपास आपने बंद किया, वाहन आपने शहर में भेजे, जिम्मेदारी भी आपकी’

देशमुख ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बायपास प्रशासन ने बंद किया और भारी वाहनों को शहर में प्रवेश कराने का निर्णय भी प्रशासन का ही है। ऐसे में यदि भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना होती है और किसी नागरिक की जान जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भी प्रशासन को स्वीकार करनी चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाया कि शहर में भारी वाहनों के बढ़ते दबाव, संभावित यातायात जाम और दुर्घटनाओं के खतरे को लेकर प्रशासन को जरा भी चिंता नहीं है क्या? उन्होंने कहा कि किसी दुर्घटना के बाद उसे केवल ‘दुर्भाग्यपूर्ण हादसा’ बताकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।

‘कल हादसा हुआ तो इसे दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना मत कहिए’

अरविंद देशमुख ने तीखे शब्दों में कहा, ‘ले लो हमारी जान… लेकिन कल किसी की जान चली जाए तो उसे केवल दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना कहने का ढोंग मत कीजिए।’

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बायपास बंद करने के निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए तथा भारी वाहनों के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की जाए, ताकि जलगांव शहर के नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

– अरविंद देशमुख
नगरसेवक, प्रभाग क्रमांक 15
जलगांव महानगरपालिका

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