पारोला की 85 वर्षीय वृद्ध महिला के अपहरण-हत्या का 40 दिन बाद खुलासा भतीजे ने ही पैसों के लिए रची साजिश; गहनों के लालच में मौसी की गला घोंटकर हत्या, शव कानलदा फाटे के पास नाले में फेंका जलगांव | प्रतिनिधि पारोला तहसील के करंजी बु. गांव में अकेली रहने वाली 85 वर्षीय वृद्ध महिला के अपहरण और हत्या के मामले का स्थानीय अपराध शाखा ने करीब 40 दिनों की अथक जांच के बाद खुलासा कर दिया है। वैजंताबाई गणपत माली की हत्या उनके ही सगे भतीजे प्रशांत उत्तम माली (40, निवासी मुकटी, तहसील व जिला धुले) ने पैसों की जरूरत और उनके शरीर पर मौजूद सोने-चांदी के गहनों के लालच में करने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस ने आरोपी प्रशांत माली को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर जलगांव शहर के पास कानलदा फाटे के निकट सहिस रोड के किनारे स्थित सीमेंट के नाले से वृद्ध महिला का शव बरामद किया गया। बेपत्ता होने से मचा हड़कंप 3 अगस्त 2026 को सुबह करीब 8 बजे करंजी बु. निवासी 85 वर्षीय वैजंताबाई गणपत माली अचानक लापता हो गई थीं। वह अकेली रहती थीं, इसलिए उनके लापता होने की घटना को गंभीरता से लिया गया। उनके चचेरे भतीजे मेव्यामहेश हिरामण रोकडे की सूचना पर पारोला पुलिस थाने में मिसिंग दर्ज की गई थी। गहनों के कारण हत्या का संदेह पुलिस को जानकारी मिली कि वैजंताबाई के शरीर पर बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के गहने थे। इसके चलते उनके लापता होने के पीछे किसी अनहोनी की आशंका जताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने स्थानीय अपराध शाखा को समानांतर जांच के आदेश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक नखाते के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुल गायकवाड ने अलग-अलग जांच दल गठित किए। 250 किलोमीटर क्षेत्र में तलाश पहले दल को संदिग्ध आरोपी की तलाश की जिम्मेदारी दी गई। इस दल ने पारोला, चलवेल, मुकटी, फागणे, धुले और चालीसगांव क्षेत्र में लगातार आरोपी की तलाश की। दूसरे दल ने लापता वृद्ध महिला की तलाश में पारोला, करंजी, अमलनेर, धरणगांव, धाडोदे, मुक्ताईनगर, यावल से लेकर जलगांव तक करीब 250 किलोमीटर क्षेत्र में जांच की। 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले जांच के दौरान पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। फुटेज के बारीकी से किए गए विश्लेषण में 3 अगस्त की सुबह करीब 7.16 बजे वैजंताबाई के घर के आंगन में उनका सगा भतीजा प्रशांत उत्तम माली उनसे बातचीत करता हुआ दिखाई दिया। इसके कुछ समय बाद वैजंताबाई सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार से पारोला की ओर जाती हुई दिखाई दीं। इन फुटेज के आधार पर जांच की दिशा प्रशांत माली की ओर मुड़ गई। 40 दिन बाद आरोपी गिरफ्तार तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर प्रशांत माली पर संदेह और मजबूत हुआ। करीब 40 दिनों की लगातार जांच के बाद स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने उसे हिरासत में लिया। शुरुआत में टालमटोल करने वाले प्रशांत से पुलिस ने कड़ी पूछताछ की। जांच के दौरान उसने अपराध कबूल करने की बात पुलिस ने कही है। कर्ज और गहनों के लालच में रची साजिश पुलिस जांच के अनुसार प्रशांत माली पर काफी कर्ज था और उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। उसने पहले अपनी मौसी वैजंताबाई से कुछ रकम ली थी, लेकिन उन्होंने आगे पैसे देने से इनकार कर दिया था। इसी बीच उसकी नजर उनके सोने-चांदी के गहनों पर थी। पैसों की जरूरत और गहनों के लालच में उसने मौसी की हत्या की साजिश रची। झूठा बहाना बनाकर कार में बैठाया 3 अगस्त की सुबह एक रिश्तेदार की शिरसोली में मौत होने और वहां जाने का झूठा बहाना बनाकर प्रशांत ने वैजंताबाई को करंजी से किराए की कार में बैठाया। जांच में कार का नंबर एमएच 19 बी 70071 सामने आया है। इसके बाद वह पूरे दिन वैजंताबाई को धरणगांव, अमलनेर और धुले क्षेत्र में कार से घुमाता रहा। इस दौरान उसने उनके गहने देने की बार-बार मांग की, लेकिन वैजंताबाई ने गहने देने से साफ इनकार कर दिया। रुमाल से गला घोंटकर हत्या जांच में सामने आया है कि 4 अगस्त की तड़के करीब 1.30 बजे धुले क्षेत्र के नंदराले फाटे के पास हाईवे पर कार रोककर प्रशांत ने रुमाल से गला घोंटकर वैजंताबाई की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कार की डिक्की में रखकर वह घर चला गया। उसी दिन शाम को जलगांव शहर के पास कानलदा फाटे के निकट सहिस रोड के किनारे स्थित सीमेंट के नाले में शव फेंक दिया। इसके बाद उसने वैजंताबाई के गहने लेकर वहां से फरार हो गया। नाले से बरामद हुआ शव वैजंताबाई के लापता होने के बाद से स्थानीय अपराध शाखा और पारोला पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। आरोपी से पूछताछ में शव छिपाने की जगह की जानकारी मिलने के बाद पुलिस संबंधित स्थान पर पहुंची। वहां सीमेंट के नाले से वैजंताबाई का शव बरामद किया गया। अपहरण के मामले में दर्ज था अपराध इस मामले में शुरुआत में मेव्यामहेश हिरामण रोकडे की शिकायत पर पारोला पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 322/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) और 142 के अंतर्गत अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। अब वृद्ध महिला की हत्या की पुष्टि होने के बाद मामले में हत्या और सबूत नष्ट करने से संबंधित धाराएं बढ़ाने की कार्रवाई शुरू है। गहने बेचने की जानकारी आरोपी प्रशांत माली ने चोरी किए गए गहनों में से कुछ गहने धरणगांव, अमलनेर और धुले के सराफा कारोबारियों को बेचने की जानकारी दी है। जबकि बाकी गहने फागणे, धुले क्षेत्र में छिपाकर रखने की बात उसने बताई है। चोरी हुए सोने-चांदी के गहने बरामद करने के लिए पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी है। संयुक्त टीम ने किया खुलासा इस अपराध की जांच स्थानीय अपराध शाखा और पारोला पुलिस थाने की संयुक्त टीम ने की। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुल गायकवाड के नेतृत्व में पुलिस उपनिरीक्षक सोपान गोरे, पुलिस उपनिरीक्षक दीपक जगदाळे, पुलिस उपनिरीक्षक जितेंद्र वाल्टे, पुलिस उपनिरीक्षक संतोष पवार, पुलिस कॉन्स्टेबल हिरालाल पाटील, विलास सोनवणे, सलीम शेख, राहुल बेसाने, विलास गायकवाड, राहुल कोली, गोफण पाटील, मधुर निकम, चालक कॉन्स्टेबल वाहेच पाटील, महेश सोमवंशी और रिजवान शेख ने जांच में सहभाग लिया। तकनीकी जांच से मिली अहम कड़ी तकनीकी विश्लेषण का काम पुलिस हवलदार मिलिंद जाधव और पुलिस कॉन्स्टेबल गौरव पाटील ने संभाला। पारोला पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक दीपक पाटील, पुलिस उपनिरीक्षक अमोल दुकले, पुलिस हवलदार सुनील हरकर, पुलिस कॉन्स्टेबल अनिल राठोड, सतीश पाटील और चेरसिंग मेहेर ने भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुत्थी सुलझाने में पुलिस को सफलता करीब 40 दिनों की लगातार जांच के बाद सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, संदिग्ध की गतिविधियों और पूछताछ के आधार पर वृद्ध महिला के लापता होने के पीछे का रहस्य सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली। इस कार्रवाई से पारोला तहसील में सनसनी मचाने वाले इस मामले का आखिरकार खुलासा हो गया है। आरोपी से चोरी का माल और अपराध में इस्तेमाल अन्य वस्तुओं के संबंध में आगे की जांच जारी है। Post navigation जलगांव में उगते सूरज की रोशनी में रंगेगा ‘Sunrise & Surrender’ गणपति बप्पा का आगमन आज