डिजिटल सुरक्षा के लिए अस्पताल में जनजागरूकता; Anti-Fraud App का एक्टिवेशन

सारा मल्टी स्पेशालिस्ट हॉस्पिटल में साइबर सिक्योरिटी जागरूकता कार्यक्रम

जलगांव | प्रतिनिधि

डिजिटल लेन-देन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। इसी के मद्देनजर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने के उद्देश्य से सारा मल्टी स्पेशालिस्ट हॉस्पिटल, जलगांव में 8 सितंबर को साइबर सिक्योरिटी जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

संदिग्ध कॉल और लिंक से रहें सावधान

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के स्टाफ और मरीजों को साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। साइबर ठगी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां, संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज और लिंक की पहचान कैसे करें तथा ऑनलाइन लेन-देन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। साइबर अपराध की घटना होने पर तत्काल कौन-से कदम उठाए जाने चाहिए, इसकी जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी गई।

Anti-Fraud App का एक्टिवेशन

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण Quick Heal Foundation द्वारा विकसित Anti-Fraud App का एक्टिवेशन रहा। उपस्थित लोगों के मोबाइल फोन में ऐप सक्रिय कर उन्हें इसके उपयोग की जानकारी दी गई। डिजिटल लेन-देन को अधिक सुरक्षित बनाने में इस ऐप की भूमिका और महत्व भी समझाया गया।

सायबर सुरक्षा को लेकर किया जागरूक

डॉ. पटेल सर के मार्गदर्शन में आयोजित इस उपक्रम में साइबर वॉरियर विद्या सोनवणे और साक्षी तानाजी पाटील ने सक्रिय सहभाग लेते हुए उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के लिए डॉ. आर. बी. आमले सर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय

कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों से अपील की गई कि डिजिटल व्यवहार करते समय हमेशा सतर्क रहें। अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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