‘मुखौटे के पीछे कौन?’ कासोदा में बच्चों को सिखाया साइबर फ्रॉड से बचने का तरीका कासोदा | 8 सितंबर 2026 एक मुखौटा, कई सवाल और साइबर सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश! भारती विद्या मंदिर, कासोदा में कक्षा 5वीं से 10वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित साइबर सिक्योरिटी सेशन में मुखौटे का इस्तेमाल कर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अनोखी पहल की गई। साइबर अपराधी की प्रतीकात्मक भूमिका के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि ऑनलाइन दुनिया में हर व्यक्ति या मैसेज पर तुरंत भरोसा करना सही नहीं है। इसके बाद विद्यार्थियों को OTP फ्रॉड, फर्जी लिंक, बैंक फ्रॉड, फोटो मॉर्फिंग, फेक कॉल एवं मैसेज और सोशल मीडिया फ्रॉड के बारे में सरल उदाहरणों के साथ जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि OTP और UPI PIN किसी को नहीं बताना चाहिए, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और सोशल मीडिया पर निजी फोटो एवं जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। सत्र के दौरान Quick Heal Foundation के साइबर जागरूकता अभियान की जानकारी भी दी गई। यह मार्गदर्शन कवयित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, जलगांव की छात्राओं दर्शना चौधरी एवं टीना पाटील ने किया। मुखौटे वाली activity ने विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। खेल और गतिविधि के माध्यम से साइबर सुरक्षा समझाने की इस पहल से विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभाग लिया। “क्लिक करने से पहले सोचें, जानकारी साझा करने से पहले सावधान रहें!” — यही संदेश इस साइबर जागरूकता सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया। Post navigation शनीपेठ मित्र मंडल का ‘दुर्गजागर’; एक ही स्थान पर 30 किलों का दर्शन पालधी बायपास पर फिर हादसा; कंटेनर के नीचे दबकर कॉलेज छात्रने गंवाई जान