शनीपेठ मित्र मंडल का ‘दुर्गजागर’; एक ही स्थान पर 30 किलों का दर्शन

स्वर्ण जयंती वर्ष में ऐतिहासिक झांकी; युवाओं से दुर्ग संरक्षण में योगदान का आह्वान

जलगांव, दि. 8 : जलगांव शहर के प्रतिष्ठित और अनुशासन के लिए प्रसिद्ध शनीपेठ मित्र मंडल का इस वर्ष स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। मंडल के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में इस वर्ष गणेशोत्सव के दौरान नागरिकों के लिए भव्य एवं ऐतिहासिक झांकी प्रस्तुत की जाएगी। छत्रपति शिवाजी महाराज के 30 गढ़-किलों की हूबहू प्रतिकृतियों का भव्य प्रदर्शन इस वर्ष के गणेशोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

छत्रपति शिवाजी महाराज का गौरवशाली इतिहास, उनका अद्वितीय शौर्य, दूरदृष्टि और महाराष्ट्र की अस्मिता के प्रतीक गढ़-किलों की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंडल ने यह अनूठी संकल्पना साकार की है। गणेशोत्सव के दौरान यह प्रदर्शन नागरिकों के लिए खुला रहेगा। इसके माध्यम से जलगांववासियों को एक ही स्थान पर महाराष्ट्र के ऐतिहासिक वैभव का दर्शन होगा।

दुर्ग संरक्षण के साथ स्वच्छता का संदेश

मंडल की भूमिका केवल ऐतिहासिक झांकी तक सीमित नहीं है। इस उपक्रम के माध्यम से गढ़-किलों के संरक्षण, ऐतिहासिक विरासत के संवर्धन तथा दुर्ग भ्रमण के दौरान स्वच्छता बनाए रखने को लेकर जनजागरूकता भी की जाएगी। मंडल की ओर से युवाओं से आगे आकर दुर्ग संरक्षण के कार्य में योगदान देने का आह्वान किया गया है।

नई कार्यकारिणी की घोषणा

ऐतिहासिक महोत्सव के सफल आयोजन के लिए शनीपेठ मित्र मंडल की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। इसमें अध्यक्ष प्रशांत मधुकर पाटील, उपाध्यक्ष शांताराम शंकर पाटील एवं प्रभाकर नारायण महाले, सचिव संजय लक्ष्मण देवरे, कार्याध्यक्ष अनिल अमृत वाणी एवं मुकुंदा भागवत सोनवणे, उत्सव समिति प्रमुख जगदीश भास्कर नेवे तथा मिरवणूक प्रमुख देविदास रमेश जगताप सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हैं।

जनजागरूकता वाली झांकियों की परंपरा

शनीपेठ मित्र मंडल ने अब तक गणेशोत्सव के माध्यम से अनेक जनजागरूकता वाली सजीव झांकियां प्रस्तुत की हैं। सामाजिक एवं धार्मिक विषयों के साथ मंडल ने खाटू श्याम बाबा, कृष्ण जन्म सहित विभिन्न आकर्षक सजावट भी प्रस्तुत की हैं। मंडल की विसर्जन शोभायात्रा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी भी इसकी विशेष पहचान मानी जाती है।

गणेशोत्सव के लिए बप्पा का भव्य आगमन

इस वर्ष गणेशोत्सव के लिए बप्पा का आगमन भी बड़े उत्साह के साथ किया गया, जिसमें नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी। अब स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर प्रस्तुत किए जा रहे 30 गढ़-किलों के भव्य प्रदर्शन को देखने के लिए जलगांववासियों में उत्सुकता बढ़ गई है।

आओ युवाओं, आगे बढ़ो; दुर्ग संरक्षण में अपना योगदान दो!” इस संदेश के माध्यम से शनीपेठ मित्र मंडल ने अपने स्वर्ण जयंती वर्ष को इतिहास, संस्कृति और सामाजिक जनजागरूकता के साथ अनूठे रूप में जोड़ने का प्रयास किया है।

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