जामनेर MIDC में कोका-कोला परियोजना को मिली रफ्तार; वाघूर बांध के जल भंडार का कंपनी ने किया निरीक्षण

9 मिलियन घनमीटर पानी आरक्षित, जल शोधन संयंत्र सहित आधारभूत सुविधाओं की तैयारी शुरू

जलगांव | प्रतिनिधि

जामनेर एमआईडीसी में प्रस्तावित हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की महत्वाकांक्षी परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ती नजर आ रही है। परियोजना के लिए आवश्यक जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने वाघूर बांध का निरीक्षण कर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

जामनेर एमआईडीसी के लिए वाघूर बांध से 9 मिलियन घनमीटर (करीब 900 करोड़ लीटर) पानी आरक्षित किया गया है। पर्याप्त जल उपलब्धता की पुष्टि होने के बाद कंपनी ने परियोजना की अगली प्रक्रिया को गति देना शुरू कर दिया है।

जल शोधन संयंत्र की होगी स्थापना

परियोजना के लिए उच्च गुणवत्ता वाला पानी उपलब्ध कराने हेतु एक आधुनिक जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए वाघूर बांध पर जैकवेल का निर्माण किया गया है। वहीं, एमआईडीसी द्वारा जल वितरण व्यवस्था और आवश्यक आधारभूत ढांचे की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, ताकि उद्योग शुरू होने के बाद निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों ने लिया विस्तृत जायजा

कंपनी के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के कार्यालय में बांध के वर्तमान जल भंडार, भविष्य की उपलब्धता तथा आरक्षित पानी की योजना की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) के अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की तैयारियों की समीक्षा की।

रेल परियोजना से मिलेगा बड़ा लाभ

प्रस्तावित पाचोरा–जामनेर–बोदवड रेलमार्ग के विस्तार से इस औद्योगिक परियोजना को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई तेज और कम लागत में संभव होगी। इसके साथ ही क्षेत्र में सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को भी गति मिलेगी।

मुंबई स्थित विधान भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जामनेर स्थित हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस परियोजना की प्रगति और उसके क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में मंत्री गिरीश महाजन, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अनबलगन, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपेंद्र सिंह कुशवाह, हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपाणी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान जामनेर में प्रस्तावित परियोजना के लिए आवश्यक प्रशासनिक मंजूरियों, भूमि उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं तथा उद्योग की अन्य आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक समन्वय और प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की।

बैठक में यह भी बताया गया कि उद्योग-अनुकूल नीतियों, सरल अनुमति प्रक्रिया और निवेशकों को उपलब्ध कराई जा रही प्रोत्साहन योजनाओं के कारण महाराष्ट्र देश के सबसे पसंदीदा निवेश राज्यों में तेजी से उभर रहा है। इसी क्रम में जामनेर का यह महत्वाकांक्षी औद्योगिक प्रकल्प भी राज्य की औद्योगिक प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि परियोजना के शुरू होने के बाद न केवल जलगांव जिले, बल्कि पूरे उत्तर महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

 

एमआईडीसी ने शुरू की पूर्व तैयारी

“प्रस्तावित परियोजना को ध्यान में रखते हुए एमआईडीसी ने आवश्यक पूर्व तैयारियां शुरू कर दी हैं। पानी के आरक्षण के साथ-साथ जल शोधन संयंत्र के लिए जरूरी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। यह परियोजना जामनेर एमआईडीसी के औद्योगिक विकास को नई गति देगी।”

— सुनील घाटे, क्षेत्रीय अधिकारी, एमआईडीसी, जलगांव

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