जलगांव में रचा जाएगा आध्यात्मिक इतिहास; 12 हनुमान, श्रीराम दरबार और सप्तचिरंजीवों का देश का पहला अनूठा मंदिर तैयार 14 से 17 जून तक पोखरी तांडा में भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव, हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जलगांव प्रतिनिधी। महाराष्ट्र के जलगांव जिले के पोखरी तांडा में देश के पहले और अनूठे “श्रीराम दरबार, 12 हनुमान एवं सप्तचिरंजीव” महामंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन 14 से 17 जून तक किया जाएगा। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को लेकर महाराष्ट्र सहित देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। श्री स्वामी महाराज सेवाश्रम मंडल, पोखरी तांडा के मार्गदर्शन में निर्मित यह विशाल मंदिर आध्यात्मिकता, वास्तुकला और भारतीय धार्मिक परंपराओं का अद्भुत संगम माना जा रहा है। वर्ष 2017 में स्थापित श्री गुरुपद्म उपासना स्थान की पावन भूमि पर यह भव्य परियोजना साकार हुई है। मंदिर की विशेषताएं बनेंगी आकर्षण का केंद्र इस महामंदिर में पहली बार 12 अलग-अलग स्वरूपों में हनुमानजी की स्थापना की जा रही है। आनंद रामायण में वर्णित स्वरूपों के आधार पर निर्मित यह अवधारणा देश में अपनी तरह की पहली मानी जा रही है। इसके अलावा मानव शरीर के सप्तचक्रों की अवधारणा पर आधारित सप्तचिरंजीवों की स्थापना भी मंदिर की विशेष पहचान होगी। मंदिर के गर्भगृह में विशेष रूप से निर्मित शक्तिशाली हनुमान यंत्र स्थापित किया जाएगा, जिससे आध्यात्मिक ऊर्जा का सतत प्रवाह बना रहेगा। पशुपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर निर्माण मंदिर का निर्माण नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर की पगोडा शैली में किया गया है। 18×40 फीट का भव्य सभामंडप और 15×15 फीट का गर्भगृह इसकी वास्तुकला को और भी आकर्षक बनाते हैं। 13 करोड़ रामनाम का जाप मंदिर में स्थापित होने वाली 12 हनुमान प्रतिमाओं के नीचे श्रद्धालुओं द्वारा लिखे गए 13 करोड़ रामनाम स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा श्रीराम दरबार के नीचे 11 हजार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र तथा गायत्री देवी की प्रतिमा के नीचे 21 हजार गायत्री मंत्रों की स्थापना की गई है। 21 हजार लीटर का सहस्र जलकुंभ मंदिर परिसर में कमल के आकार का 21 हजार लीटर क्षमता वाला सहस्र जलकुंभ बनाया गया है, जिसके मध्य में पंचमुखी गायत्री माता की भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इसके साथ ही 54 फीट ऊंचा धर्मस्तंभ, धर्मध्वज, 51 किलो वजनी पीतल का कलश और 15 फीट ऊंचा भगवान शिव का त्रिशूल मंदिर की भव्यता में चार चांद लगाएंगे। श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील आयोजकों ने श्रद्धालुओं से 14 से 17 जून तक आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में बड़ी संख्या में शामिल होने और धर्मकार्य में योगदान देने की अपील की है। संपर्क आयोजक: श्री स्वामी महाराज सेवाश्रम मंडल स्थान: पोखरी तांडा, तहसील धरणगांव, जिला जलगांव संपर्क: श्री रामचंद्रजी – 9272332080 आयोजकों का कहना है कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन परंपरा का जीवंत केंद्र बनने जा रहा है। Post navigation साने गुरुजी स्मृति सप्ताह एवं कर्मयोगी वासुदेव गुरुजी स्मृति दिवस पर ‘गुणगौरव यशोत्सव’ उत्साहपूर्वक संपन्न अंतुर्ली में ओलावृष्टि और तेज आंधी से हुए नुकसान का केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षाताई खडसे ने किया निरीक्षण