एआई के प्रभावी उपयोग से कृषि क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव : अनिल जैन

यवतमाल और गुजरात के आनंद निकेतन स्कूल को प्रथम पुरस्कार

जलगांव,  (प्रतिनिधि)।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) दुनिया भर में तेजी से परिवर्तन ला रही है, लेकिन कृषि और खाद्य प्रणाली का महत्व भविष्य में भी बना रहेगा। एआई के प्रभावी उपयोग से कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव संभव है। यह विचार फाली (FALI) के चेयरमैन तथा जैन इरिगेशन के उपाध्यक्ष अनिल जैन ने व्यक्त किए।

वे जलगांव स्थित जैन हिल्स में आयोजित फाली सम्मेलन के 12वें वर्ष के प्रथम चरण के पुरस्कार वितरण समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि उद्योग बिजनेस प्लान प्रस्तुति श्रेणी में पीएम रुईकर ट्रस्ट हाईस्कूल, नांझा (यवतमाल) की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कृषि नवाचार (एग्रीकल्चर इनोवेशन) प्रस्तुति में आनंद निकेतन सैटेलाइट कैंपस, अहमदाबाद की टीम ने पहला पुरस्कार हासिल किया।

विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अनिल जैन ने कृषि क्षेत्र में एआई के उपयोग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फाली का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच प्रदान करना है। आने वाले वर्षों में 10 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में कृषि क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है।

उन्होंने जैन इरिगेशन के संस्थापक भवरलाल जैन के प्रेरणादायी कार्यों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रयासरत रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप और स्टार्टअप के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। युवाओं को भारतीय कृषि और खाद्य व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में योगदान देना चाहिए।

फाली कार्यक्रम में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश के विकास में महिला शक्ति की भूमिका निर्णायक होगी।

इस अवसर पर फाली की सफलता में योगदान देने वाले विभिन्न अधिकारियों और शिक्षक समन्वयकों का सम्मान किया गया। साथ ही नव नियुक्त सीईओ शाबोर्नी पोद्दार का स्वागत किया गया। उन्होंने संस्था के भावी लक्ष्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। फाली की संस्थापक एवं उपाध्यक्ष नैंसी बैरी ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया।

सम्मेलन के दूसरे दिन प्रथम बैच के विद्यार्थियों ने शोध आधारित एवं नवाचारी प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान 55 कृषि उद्योग बिजनेस प्लान और 55 कृषि नवाचार परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। इन प्रस्तुतियों में कृषि उद्यमिता, आधुनिक तकनीक का उपयोग, टिकाऊ खेती (सस्टेनेबल फार्मिंग) और भविष्य की कृषि समाधान पर विशेष जोर दिया गया।

विद्यार्थियों की रचनात्मकता और नवाचारपूर्ण सोच की उपस्थित विशेषज्ञों एवं निर्णायकों ने सराहना की। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन जैन इरिगेशन, गोदरेज एग्रोवेट, यूपीएल, स्टार एग्री, आईटीसी, ओमनीवर, एसबीआई फाउंडेशन, उज्जीवन, गांधी रिसर्च फाउंडेशन तथा रयत शिक्षण संस्था, सातारा के विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

प्रतियोगिता के प्रमुख परिणाम

कृषि नवाचार प्रस्तुति

– प्रथम : आनंद निकेतन सैटेलाइट कैंपस, अहमदाबाद
– द्वितीय : न्यू इंग्लिश स्कूल, भालोद (जलगांव)
– तृतीय : श्री सातपुड़ा विद्यालय, लोणखेडा (नंदुरबार)
– चतुर्थ : श्री यमाई श्रीनिवास विद्यालय, औंध (सातारा)
– पंचम : न्यू इंग्लिश गर्ल्स स्कूल, आष्टा (सांगली)

कृषि बिजनेस प्लान प्रस्तुति

– प्रथम : पीएम रुईकर ट्रस्ट हाईस्कूल, नांझा (यवतमाल)
– द्वितीय : जनता गर्ल्स हाईस्कूल, शेंदूरजना घाट (अमरावती)
– तृतीय : न्यू इंग्लिश स्कूल, भालोद (जलगांव)
– चतुर्थ : सोमेश्वर विद्यालय, मुढाले (पुणे)
– पंचम : श्री विठ्ठल माध्यमिक विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय, भिकोबानगर (पुणे)

भालोद स्कूल को दो पुरस्कार

जलगांव जिले के भालोद स्थित न्यू इंग्लिश स्कूल ने कृषि नवाचार और कृषि बिजनेस प्लान दोनों श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की।

 

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