रावेर विधानसभा क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों पर SIR-2026 मैपिंग की जांच की मांग

संदिग्ध रूप से अधिक सत्यापन के आंकड़ों पर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग

रावेर | प्रतिनिधि : रावेर विधानसभा क्षेत्र में SIR-2026 (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाता मैपिंग और सत्यापन का प्रतिशत संदिग्ध रूप से अधिक होने का आरोप लगाते हुए इस पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र, निष्पक्ष और गहन जांच की मांग रावेर-यावल विधानसभा क्षेत्र प्रमुख तथा बीएलए-1 विलास चौधरी ने की है।

इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र राज्य तथा भारत निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपा गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि रावेर और यावल तहसील के कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाता मैपिंग और सत्यापन का कार्य अत्यधिक मात्रा में पूरा होने का दावा किया गया है। कुछ विशेष मतदान केंद्रों पर मैपिंग और सत्यापन का प्रतिशत अन्य केंद्रों की तुलना में असामान्य रूप से अधिक दिखाई दे रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि इस प्रक्रिया में समान मानदंड, एक समान कार्यप्रणाली और निष्पक्षता का पालन किया गया या नहीं, इस पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो रहा है। इसलिए संबंधित मतदान केंद्रों पर मैपिंग और सत्यापन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की जाए, अपनाए गए मानदंडों की समीक्षा की जाए तथा दर्ज की गई जानकारी की सत्यता की जांच की जाए।

साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पूरी प्रक्रिया का पुनः सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) कराने की भी मांग की गई है।

इस ज्ञापन के बाद रावेर विधानसभा क्षेत्र में SIR-2026 प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब चुनाव प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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