श्री मंगलग्रह मंदिर परिसर में संतश्री सखाराम महाराज रोपवाटिका का हुआ नवविकास विकसित विभिन्न विभागों एवं प्राकृतिक बैठक स्थल का संतश्री पूज्य प्रसाद महाराज ने किया अवलोकन अमलनेर | प्रतिनिधि : मंगळग्रह सेवा संस्था संचालित प्रसिद्ध श्री मंगलग्रह मंदिर परिसर में नवविकसित संतश्री सखाराम महाराज रोपवाटिका को शुक्रवार, 26 जून की शाम संतश्री सखाराम महाराज वाडी संस्थान के गादीपति पूज्य प्रसाद महाराज ने सदिच्छा भेंट दी। इस दौरान उन्होंने रोपवाटिका का अवलोकन किया तथा यहां विकसित किए गए विभिन्न विभागों, सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की सराहना करते हुए मंगळग्रह सेवा संस्था के इस उपक्रम को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया। मंगळग्रह सेवा संस्था के अध्यक्ष डॉ. डिगंबर महाले के मार्गदर्शन तथा ग्रीनरी कंसल्टेंट श्री सुबोध पाटील के सहयोग से पिछले 20 वर्षों से इस रोपवाटिका का संरक्षण और संवर्धन किया जा रहा है। हाल ही में इसे अधिक भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर इसका नवीनीकरण किया गया है। रोपवाटिका में विभिन्न प्रकार की औषधीय वनस्पतियां, पुष्प पौधे, सजावटी वृक्ष, फलदार पौधे तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाले विभिन्न विभाग विकसित किए गए हैं। श्रद्धालुओं को प्रकृति की गोद में आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके, इस उद्देश्य से पूरे परिसर का आकर्षक नियोजन किया गया है। पूज्य प्रसाद महाराज ने रोपवाटिका के विभिन्न विभागों का अवलोकन कर उनकी संकल्पना की जानकारी ली। मंदिर परिसर में हरित पहल, स्वच्छता और पर्यावरण अनुकूल विकास कार्यों पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे उपक्रम समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायक सिद्ध होंगे। इससे पूर्व पूज्य प्रसाद महाराज ने श्री मंगलग्रह मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंगळग्रह सेवा संस्था के सचिव सुरेश बाविस्कर, सहसचिव दिलीप बहिरम तथा कोषाध्यक्ष गिरीश कुलकर्णी के हस्ते उनका पाद्यपूजन एवं स्वागत किया गया। मंदिर के पुरोहित शुभम वैष्णव, हेमंत गोसावी और पवन शर्मा ने धार्मिक विधि संपन्न कराई। इस अवसर पर संत श्री सखाराम महाराज वाडी संस्थान के सुदाम पाटील महाराज, हर्षल जोशी महाराज, सारंग पाठक, मंगल सेवेकरी आर. टी. पाटील, ए. डी. भदाणे सहित बड़ी संख्या में मंदिर सेवेकरी और श्रद्धालु उपस्थित थे। रोपवाटिका के प्रमुख विभाग संतश्री सखाराम महाराज रोपवाटिका के नवीनीकरण के अंतर्गत गांडूळ खाद परियोजना, गोवरी विभाग, प्लास्टिक क्रशिंग यूनिट, गुलाब उद्यान, वृक्षारोपण, जैविक खाद प्रणाली आदि विभिन्न विभाग विकसित किए गए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के लिए एक विशेष “प्राकृतिक बैठक स्थल” भी तैयार किया गया है, जो विविध वृक्षों और हरियाली से सुसज्जित है। Post navigation रावेर विधानसभा क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों पर SIR-2026 मैपिंग की जांच की मांग राष्ट्रवादी कांग्रेस कार्यालय में छत्रपति राजर्षि शाहू महाराज एवं धर्मवीर संभाजी महाराज की जयंती मनाई गई