श्री मंगलग्रह मंदिर में पंचदिवसीय विष्णु पंचायन यज्ञ का शुभारंभ अधिक मास के अवसर पर आयोजन; मुख्य यजमान डॉ. सुप्रीम पाटील सहित अग्रवाल, दीक्षित और कुलकर्णी दंपतियों ने किया विधिवत पूजन अमलनेर | प्रतिनिधी अधिक मास के पावन अवसर पर अमलनेर स्थित श्री मंगलग्रह मंदिर में बुधवार, 3 जून को सुबह 9 बजे संकष्टी चतुर्थी के शुभ पर्व पर मंत्रोच्चार और वैदिक विधानों के साथ पंचदिवसीय विष्णु पंचायन यज्ञ का भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। मंदिर परिसर में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष माहौल देखने को मिला। एशियास्टार आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित, अखिल भारतीय भाविक वारकरी मंडल के जळगांव जिलाध्यक्ष तथा समाजकार्य फाउंडेशन के मुख्य यजमान डॉ. सुप्रीम पाटील के साथ खानदेश शिक्षण मंडल के चेयरमैन विनोद अग्रवाल, मनोहर दीक्षित और मंदार कुलकर्णी ने अपनी धर्मपत्नी सहित वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रायश्चित्त संकल्प, शांति पाठ, प्रधान संकल्प, गणपति-वरुण पूजन, मातृका पूजन, नांदी श्राद्ध, आचार्य वरण तथा दिग्रक्षण आदि पंचांग कर्म संपन्न किए। इसके पश्चात लक्ष्मी-नारायण भद्र मंडल की स्थापना कर नारायण पीठ देवताओं का पूजन किया गया। साथ ही नारायण यंत्र की स्थापना कर भगवान नारायण, वराह और शालिग्राम देवताओं का राजोपचार पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुरुषसूक्त के षोडश आवर्तन अभिषेक तथा सहस्त्र तुलसीपत्र अर्चन भी किया गया। दोपहर 2 बजे आयोजित दूसरे सत्र में यजमानों के हाथों नवग्रह एवं रुद्र कलश स्थापना की गई। अग्निमंथन के माध्यम से यज्ञाग्नि प्रज्वलित कर अग्निकुंड और अग्निदेव की स्थापना की गई। इसके बाद नवग्रह देवताओं का हवन, नारायण सहस्रनाम हवन तथा पायस विशेष आहुतियां अर्पित की गईं। दोपहर 4 बजे नाशिक निवासी व्यासाचार्य श्री वे. मू. हरिष कुलकर्णी गुरुजी ने अपनी प्रभावशाली वाणी के माध्यम से अधिक मास महात्म्य कथा का प्रारंभ किया। श्रद्धालुओं ने कथा का रसास्वादन कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। सायंकाल 6 से 6:30 बजे के बीच श्री मंगलग्रह देवता की महाआरती के साथ प्रथम दिवस के कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर मंगलग्रह सेवा संस्था के सचिव सुरेश बाविस्कर, उपाध्यक्ष एस. एन. पाटील, कोषाध्यक्ष गिरीश कुलकर्णी, विश्वस्त अनिल अहिरराव, मंगल सेवेकरी आशिष चौधरी, बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं मंदिर सेवेकरी उपस्थित रहे। मंदिर के पुरोहित शुभम वैष्णव ने मुख्य आचार्य के रूप में संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न कराया। उन्हें प्रसाद भंडारी, परशुराम शर्मा, यश जोशी, गणेश जोशी, वैभव लोकांक्षी, तुषार दीक्षित, जयेंद्र वैद्य, हेमंत गोसावी और उमेश पाठक का सहयोग प्राप्त हुआ। कथा निरूपण के दौरान चंद्रकांत जोशी तथा कैसियो वादक गणेश जोशी ने संगीत सहयोग प्रदान किया। Post navigation वेंटिलेटर पर जीवन और मौत से जूझ रही तीन माह की मासूम को मिला नया जीवन बार्कलेज लाइफ स्किल ट्रेनिंग के तहत सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम संपन्न