जीएस सोसायटी के सदस्यों की ऋण सीमा 5 लाख रुपये बढ़ी आज वार्षिक आमसभा; सदस्यों को 10 प्रतिशत लाभांश, वरिष्ठ सदस्यों के लिए विशेष उपहार की घोषणा जलगांव | प्रतिनिधि जी.एस. सोसायटी अर्थात सरकारी कर्मचारियों की सहकारी संस्था ने सदस्यों के लिए ऋण सीमा में 5 लाख रुपये की वृद्धि प्रस्तावित की है। इसके अनुसार सामान्य सदस्यों की ऋण सीमा 15 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये, जबकि वर्ग-4 कर्मचारियों के लिए 7 लाख 50 हजार से बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। साथ ही इस वर्ष सदस्यों को 10 प्रतिशत लाभांश देने की घोषणा की गई है। यह जानकारी जी.एस. सोसायटी की अध्यक्ष रागिणी चव्हाण ने पत्रकार परिषद में दी। जी.एस. सोसायटी की वार्षिक आमसभा रविवार, 13 सितंबर को दोपहर 1 बजे नूतन मराठा महाविद्यालय में आयोजित की जाएगी। आमसभा की पूर्व संध्या पर सत्तारूढ़ संचालकों ने पत्रकार परिषद आयोजित कर संस्था के कामकाज और आगामी निर्णयों की जानकारी दी। मृत सदस्यों के विभिन्न प्रकार के ऋण माफ अध्यक्ष रागिणी चव्हाण ने बताया कि जी.एस. सोसायटी ने मृत सदस्यों के विभिन्न प्रकार के ऋण माफ किए हैं। इसमें जमानत ऋण के 2 करोड़ 39 लाख रुपये तथा अन्य 3 करोड़ 74 लाख रुपये के ऋण शामिल हैं। इसके अलावा जिन सदस्यों ने ऋण नहीं लिया था, लेकिन उनका निधन हो गया, ऐसे सदस्यों के परिवारों को 1 करोड़ 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। सदस्यों को बैठक भत्ता 1 हजार रुपये इस वर्ष सदस्यों को बैठक के लिए मिलने वाला भत्ता बढ़ाकर 1 हजार रुपये किया जाएगा। नए सदस्यों की प्रवेश फीस 8 हजार से घटाकर 4 हजार रुपये करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। वरिष्ठ सदस्य योजना के तहत सदस्यता के 25 वर्ष पूर्ण करने वाले सदस्यों को 5,001 रुपये तथा 30 वर्ष पूर्ण करने वाले सदस्यों को 7,001 रुपये का उपहार दिया जाएगा। कर्मचारियों की संख्या 345 से घटाकर 310 जी.एस. सोसायटी की भर्ती प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से आपत्ति जताई गई है। इस पर अहकार गुट के अध्यक्ष उदय पाटील ने बताया कि संस्था का कर्मचारी ढांचा कम किया गया है। कर्मचारियों की संख्या 345 से घटाकर 310 की गई है। आगामी समय में सदस्यों का दुर्घटना बीमा अध्यक्ष रागिणी चव्हाण ने बताया कि आगामी समय में सोसायटी के सदस्यों के लिए दुर्घटना बीमा कराया जाएगा। साथ ही संस्था की सदस्य संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। विरोधियों को अब हुआ साक्षात्कार : चव्हाण जी.एस. सोसायटी में पिछले चार वर्षों से सभी संचालक एक ही मंच पर थे। हालांकि इस बार की आमसभा में रावसाहेब पाटील, अमरसिंग पवार, रविंद्र सोनवणे, ज्ञानेश्वर सोनवणे और प्रतिभा सुर्वे के उपस्थित नहीं रहने को लेकर पूछे जाने पर अध्यक्ष रागिणी चव्हाण ने विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये संचालक चार वर्षों तक हमारे साथ थे और निर्णय प्रक्रिया में भी शामिल रहे। लेकिन महिला अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें विरोधी बनने का साक्षात्कार हुआ है। पत्रकार परिषद में वरिष्ठ नेता व्ही. झेड. पाटील, उपाध्यक्ष अनिल गायकवाड, अहकार गुट के अध्यक्ष उदय पाटील, गुटनेता अजबसिंग पाटील, मनोज पाटील, सुनील सूर्यवंशी, महेश पाटील, योगेश इंगले, विजय पवार सहित संचालक उपस्थित थे। Post navigation जिला पेठ युवक मित्र मंडल इस वर्ष बनाएगा श्री जगन्नाथपुरी का भव्य मंदिर एक बारिश में फिर उखड़ा सेवा मंडल का रास्ता; गणेशोत्सव में हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?