गिरणा बांध लगातार तीसरी बार 100 प्रतिशत भरा जिले के 175 गांवों की सालभर की पेयजल चिंता दूर; 52 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र को बड़ा लाभ जलगांव | प्रतिनिधि जलगांव जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले गिरणा बांध ने इस वर्ष भी पूरी क्षमता से भरकर जिले को बड़ी राहत दी है। मंगलवार, 15 सितंबर को गिरणा बांध लगातार तीसरी बार 100 प्रतिशत जलसंचय स्तर पर पहुंच गया। बांध पूरी तरह भरने से चालीसगांव, भड़गांव, पाचोरा, एरंडोल, धरणगांव और जलगांव तहसील के कुल 175 गांवों की पेयजल समस्या सालभर के लिए दूर होने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही बांध में पर्याप्त जलसंचय होने से करीब 52 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा। गिरणा परियोजना के 56 वर्ष के इतिहास में अब तक केवल 14 बार बांध पूरी क्षमता से भरा है। खास बात यह है कि पिछले आठ वर्षों में सात बार गिरणा बांध 100 प्रतिशत जलसंचय के स्तर तक पहुंचा है। लगातार बढ़ते जलसंचय के कारण गिरणा परियोजना जिले के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। बांध पूरी तरह भरने से इस वर्ष रबी सीजन की फसलों के लिए किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी। आगामी सर्दी और गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए रबी फसलों के लिए कुल पांच सिंचाई आवर्तन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे चालीसगांव, भड़गांव, पाचोरा, एरंडोल और धरणगांव तहसील के सिंचाई क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा। गिरणा बांध की कुल जलसंचय क्षमता 21 हजार 500 मिलियन क्यूबिक फीट है, जबकि मृत जलसंचय 3 हजार मिलियन क्यूबिक फीट है। इस बांध पर जलगांव जिले की चालीसगांव, भड़गांव, पाचोरा, एरंडोल, धरणगांव और जलगांव इन छह तहसीलों के विभिन्न गांवों की पेयजल आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था काफी हद तक निर्भर है। गिरणा बांध का निर्माण वर्ष 1955 से 1969 के दौरान किया गया था। इसके निर्माण पर करीब 13 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। परियोजना पूरी होने के बाद वर्ष 1976 में गिरणा बांध पहली बार 100 प्रतिशत भर गया था। इसके बाद 1980, 1994, 2004 से 2007 तक लगातार चार वर्ष, 2019 से 2022 तक लगातार चार वर्ष तथा 2024, 2025 और अब 2026 में बांध पूरी क्षमता से भरा है। इस वर्ष गिरणा बांध के जलग्रहण क्षेत्र में हुई संतोषजनक बारिश के कारण जलसंचय में लगातार वृद्धि होती रही। आखिरकार 15 सितंबर को बांध 100 प्रतिशत जलसंचय स्तर पर पहुंच गया। इससे जिले में पेयजल के साथ-साथ कृषि सिंचाई के लिए भी बड़ी राहत मिली है। Post navigation 2 हजार रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क