जलगांव में फर्जी डॉक्टर पर पुलिस की कार्रवाई; दवाइयां और चिकित्सा सामग्री जब्त

बिना मेडिकल डिग्री और अनुमति के दो साल से कर रहा था इलाज; शनि पेठ थाने में मामला दर्ज

जलगांव | प्रतिनिधि

जलगांव शहर के रिधुरवाड़ा क्षेत्र में बिना किसी मान्य मेडिकल डिग्री और आवश्यक अनुमति के लोगों का इलाज करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ शनि पेठ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने उसके घर से इलाज में इस्तेमाल होने वाली चिकित्सा सामग्री और विभिन्न प्रकार की दवाइयां जब्त की हैं। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, भरत सुभाष कुंभार, निवासी रिधुरवाड़ा, मकान नंबर 128, जलगांव पिछले करीब दो वर्षों से अपने घर में ही मरीजों का इलाज कर रहा था। आरोप है कि उसके पास मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता अथवा वैध अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद वह खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का उपचार कर रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के पास चिकित्सा व्यवसाय करने के लिए आवश्यक लाइसेंस और प्रमाणपत्र नहीं होने के बावजूद वह मरीजों का उपचार कर उनसे पैसे लेता था। बिना चिकित्सकीय योग्यता के इस तरह उपचार करने से मरीजों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है, इसके बावजूद वह यह काम जारी रखे हुए था।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से बीपी जांचने का उपकरण, स्टेथोस्कोप, थर्मामीटर, इंजेक्शन तथा विभिन्न प्रकार की गोलियां और अन्य चिकित्सा सामग्री बरामद हुई। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 3,414 रुपये बताई गई है।

इस मामले में आरोपी के खिलाफ मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एक्ट की धारा 33 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318 और 319 के तहत शनि पेठ पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। मामले की आगे की जांच पुलिस कर्मचारी गणेश कुमार नायक कर रहे हैं।इस कार्रवाई से बिना वैध मेडिकल डिग्री, पंजीकरण अथवा आवश्यक अनुमति के मरीजों का उपचार करने वालों के खिलाफ पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे लोगों के इलाज से नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं, इसलिए प्रशासन की ओर से भी अशा गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

 

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