सहकारी संस्था की किराना दुकान? आसोदा ग्रामीण सहकारी पतसंस्था की संपत्ति पर उठे सवाल

जिला उपनिबंधक कार्रवाई करेंगे या संचालक मंडल को मिलेगा संरक्षण?

जलगांव (प्रतिनिधि) जलगांव जिले के आसोदा स्थित आसोदा ग्रामीण सहकारी पतसंस्था मर्यादित की संपत्ति के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। संस्था के भवन पर पतसंस्था का बोर्ड लगा होने के बावजूद वहां किराना दुकान संचालित होती दिखाई देने से स्थानीय नागरिकों में चर्चा का विषय बन गया है।

प्राप्त जानकारी एवं उपलब्ध छायाचित्रों के अनुसार, संबंधित स्थान पर सहकारी पतसंस्था का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित है, लेकिन उसी परिसर में किराना व्यवसाय चल रहा है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या संस्था की संपत्ति का उपयोग नियमानुसार किया जा रहा है अथवा नहीं।

सहकारी संस्थाओं की संपत्तियों के उपयोग, किराये पर देने तथा व्यावसायिक उपयोग के लिए संबंधित विभाग की अनुमति और संचालक मंडल के निर्णय आवश्यक होते हैं। ऐसे में यदि संस्था की जगह पर निजी व्यवसाय संचालित किया जा रहा है, तो इसकी वैधता की जांच की मांग की जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित परिसर का उपयोग किस आधार पर किया जा रहा है। साथ ही यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार पदाधिकारियों और संचालक मंडल के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

अब सभी की निगाहें जिला उपनिबंधक, सहकारी संस्था विभाग तथा तालुका उपनिबंधक पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में जांच कर कार्रवाई करते हैं या फिर संस्था के संचालकों को संरक्षण मिलता है।

फिलहाल, मामले की आधिकारिक जांच और विभागीय प्रतिक्रिया के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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