टीम झूलेलाल न्यूज़ जलगांव :  तालुका के आसोदा स्थित ग्रामीण सहकारी पतसंस्था एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। संस्था में पिछले कई वर्षों से हुए वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताओं और जमाकर्ताओं के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने जिला उपनिबंधक, सहकारी संस्था कार्यालय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिवसेना पदाधिकारियों का आरोप है कि वर्ष 2004 से 2025 के बीच संस्था में हुए कई आर्थिक व्यवहार संदेह के घेरे में हैं। बड़ी संख्या में जमाकर्ताओं की मेहनत की कमाई फंस गई है और कई लोगों को अपनी जमा राशि वापस पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आरोप है कि संस्था के तत्कालीन पदाधिकारी, संचालक मंडल और प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पारदर्शी तरीके से नहीं किया, जिससे जमाकर्ताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

ज्ञापन में कहा गया है कि संस्था के कामकाज की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक संबंधित पदाधिकारियों की भूमिका की गहन पड़ताल की जाए। शिवसेना ने यह भी मांग की है कि यदि किसी प्रकार का आर्थिक घोटाला या वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए और जमाकर्ताओं का पैसा वापस दिलाया जाए।

शिवसेना नेताओं का कहना है कि सहकारिता क्षेत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए इस मामले में कठोर कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर जांच प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो शिवसेना स्टाइलसे जिल्हा उपनिबंधक सहकारी संस्था कार्यालय को ताला लगाके आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस ज्ञापन पर उपतालुका प्रमुख सचिन चौधरी, उपजिला प्रमुख गुलाबराव कांबळे , जिला उपसंघटक योगेश चौधरी राकेश घुगे सोशल मीडिया तालुकाप्रमुख विकास पाटील विलास बारी किरण ठाकूर मिलिंद नारखेडे खेमचंद चौधरी दीपक पाटील समेत कई शिवसैनिकों के हस्ताक्षर हैं। मामले ने अब पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है, जबकि हजारों जमाकर्ताओं की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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