सास ने दामाद को किडनी दान कर बचाया जीवन, बेटी का सुहाग रखा कायम अमलनेर : दोनों किडनियां खराब होने के कारण डायलिसिस पर चल रहे अपने दामाद को सास ने अपनी एक किडनी दान कर उसका जीवन बचाया है। सास के इस साहसिक निर्णय की समाज और रिश्तेदारों की ओर से सराहना की जा रही है। अमलनेर निवासी सेवानिवृत्त न्यायाधीश गुलाबराव पाटील और उनकी पत्नी सुशीलाबाई की बेटी कविता का विवाह म्हसावद निवासी एडवोकेट अतुल रमेश चव्हाण के साथ हुआ था। कविता चव्हाण नाशिक ग्राहक न्यायालय में न्यायाधीश हैं, जबकि उनके पति अतुल चव्हाण एक प्रतिष्ठित कंपनी में कानूनी सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। करीब दो वर्ष पहले एडवोकेट अतुल चव्हाण बीमारी की चपेट में आ गए। इसके बाद उनकी दोनों किडनियां खराब हो गईं और उन्हें नियमित रूप से डायलिसिस कराना पड़ रहा था। इससे दोनों परिवारों में चिंता का माहौल था। डॉक्टरों के अनुसार किडनी ट्रांसप्लांट के अलावा कोई विकल्प नहीं था। किडनी दाता मिलना और दाता की किडनी मरीज से मैच होना बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में सुशीलाबाई ने साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने सोचा कि इंसान एक किडनी के सहारे भी जीवन जी सकता है और यदि वह अपनी एक किडनी दान करती हैं तो अपने दामाद की जान बचाकर बेटी का वैवाहिक जीवन सुरक्षित रख सकती हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी किडनी दान करने का निर्णय लिया। बेटी का सुहाग रखा कायम इस संबंध में नाशिक स्थित नाइन पर्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों से संपर्क किया गया। इसके बाद सास और दामाद दोनों की आवश्यक जांच की गई। जांच में सुशीलाबाई की किडनी अतुल चव्हाण के लिए उपयुक्त पाई गई। इसके बाद सुशीलाबाई की एक किडनी निकालकर उनके दामाद एडवोकेट अतुल चव्हाण को प्रत्यारोपित की गई। मुंबई के विशेषज्ञ डॉक्टर अमोलकुमार पाटील, डॉ. नागेश आघोर तथा अन्य डॉक्टरों की टीम ने यह शल्यक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। सास ने अपनी किडनी दान कर दामाद का जीवन बचाया और बेटी का वैवाहिक जीवन सुरक्षित रखा। सुशीलाबाई के इस साहसिक और त्यागपूर्ण निर्णय की समाज और रिश्तेदारों की ओर से जमकर सराहना की जा रही है। Post navigation अवैध रेत परिवहन पर ग्रामीण पुलिस की छापेमारी; 10 लाख रुपये का डंपर जब्त जलगांव में सिंधी समाज के मेधावी विद्यार्थियों का 30 अगस्त को होगा सम्मान व मार्गदर्शन