कांवड़ यात्रा को लगा ग्रहण; आयशर की टक्कर से 10 वर्षीय बच्चे की मौके पर मौत
ममुराबाद मार्ग पर परिजनों का चक्काजाम; आक्रोशित भीड़ ने आयशर को फूंका, भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात

जलगांव : जलगांव-ममुराबाद मार्ग स्थित व्हाळसादेवी मंदिर के पास सोमवार शाम हुए भीषण हादसे में कांवड़ यात्रा में शामिल 10 वर्षीय प्रबल राजू गवली की आयशर वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और नागरिकों ने सड़क पर जाम लगा दिया। स्थिति बिगड़ने के बाद आक्रोशित भीड़ ने हादसे के लिए जिम्मेदार आयशर वाहन को आग के हवाले कर दिया।

शनिपेठ क्षेत्र के गवलीवाड़ा से कांवड़ यात्रा व्हाळसादेवी मंदिर पहुंची थी। यात्रा समाप्त होने के बाद श्रद्धालु वापस लौट रहे थे। इसी दौरान जलगांव से चोपड़ा की ओर किराना सामान लेकर जा रहे ओम शांति ट्रांसपोर्ट के MH-20-EG-3593 नंबर के आयशर वाहन ने प्रबल गवली को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद वाहन प्रबल को कुछ दूरी तक घसीटता हुआ ले गया। इस दर्दनाक हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

 

हादसे की जानकारी मिलते ही प्रबल के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक घटनास्थल पर पहुंच गए। इकलौते बेटे की मौत से गवली परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने वाहन चालक को तत्काल हिरासत में लेकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। कार्रवाई होने तक शव को घटनास्थल से नहीं हटाने की भूमिका परिजन ने अपनाई।

आक्रोशित भीड़ ने आयशर को फूंका

हादसे के बाद लोगों का गुस्सा बढ़ता गया और आक्रोशित भीड़ ने किराना सामान से भरे संबंधित आयशर वाहन में आग लगा दी। इससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव और भय का माहौल बन गया।

पुलिस का भारी बंदोबस्त

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस का भारी बंदोबस्त घटनास्थल पर पहुंचा। भीड़ को शांत करने के दौरान तालुका पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक शशिकांत पाटील के साथ मामूली धक्का-मुक्की होने की भी जानकारी है। शाम करीब 5 बजे से 6.30 बजे तक इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

चालक पुलिस हिरासत में

इस बीच हादसे में शामिल आयशर चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। घटना की आगे की जांच जारी है। परिजनों की ओर से चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है। कांवड़ यात्रा का उत्साहपूर्ण माहौल इस दर्दनाक हादसे से पलभर में मातम में बदल गया और ममुराबाद क्षेत्र में शोक की लहर है।

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