प्री-प्राइमरी शिक्षा को नई दिशा; ‘नवचेतना’ और ‘आधारशिला : मैत्री बालमनाशी’ कार्यक्रमों पर विशेष प्रशिक्षण संपन्न बच्चों के सर्वांगीण विकास में महिलाओं के साथ पुरुषों की भी समान भागीदारी जरूरी – मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर जळगाव (प्रतिनिधि): महाराष्ट्र शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग तथा प्रथम एज्युकेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में छोटे बच्चों की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए संचालित ‘नवचेतना’ और ‘आधारशिला : मैत्री बालमनाशी’ कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला परिषद के छत्रपति शाहू महाराज सभागार में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिलेभर के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर के हाथों हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों के पालन-पोषण और विकास में महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों की भी समान भागीदारी आवश्यक है। यदि परिवार का प्रत्येक सदस्य बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए, तो इस अभियान के उद्देश्य अधिक प्रभावी ढंग से पूरे किए जा सकते हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जन्म से छह वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। इसमें जन्म से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए ‘नवचेतना’ रूपरेखा तथा तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए ‘आधारशिला : मैत्री बालमनाशी’ पाठ्यक्रम के प्रभावी संचालन संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अभिभावकों, समुदाय, आंगनवाड़ी और विद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित कर बच्चों की जन्म से विद्यालय में प्रवेश तक की यात्रा को सुरक्षित, आनंददायक और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही ‘माता समूह’, ‘बालसखी’ और ‘मेले’ जैसे उपक्रमों के माध्यम से आंगनवाड़ी से विद्यालय जाने वाले बच्चों को भावनात्मक एवं शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने की अवधारणा भी प्रशिक्षण में समझाई गई। यह पहल पहले नंदुरबार, ठाणे, पालघर और रत्नागिरी जिलों में प्रायोगिक आधार पर लागू की गई थी। सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब इसे पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जा रहा है। उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (महिला एवं बाल कल्याण) हेमंतराव भदाणे ने कहा कि प्रारंभिक बाल शिक्षा बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने आंगनवाड़ी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विकासात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। इस प्रशिक्षण में जिले के बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी सेविकाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के सफल आयोजन के लिए प्रथम एज्युकेशन फाउंडेशन की सोनाली पाटील और सुनंदा गावित ने विशेष योगदान दिया। Post navigation गुरु पूर्णिमा महोत्सव के लिए पूज्य किरीट भाईजी का जलगांव आगमन जलगांव जिला बैडमिंटन चयन ट्रायल प्रतियोगिता-2026 उत्साहपूर्वक संपन्न