टीम झूलेलाल न्यूज़ जलगांव :  जिले में बीती रात तड़ीपार चल रहे सभी आरोपियों के घरों की जांच की गई। इस कार्रवाई का उद्देश्य जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना और तड़ीपार अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना था।

हाल के दिनों में सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर अपराधियों और अपराध जगत का महिमामंडन तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसका समाज, विशेषकर युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कई युवा अपराधियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। स्थिति यह है कि जब कोई बदमाश जेल से बाहर आता है, तो कुछ युवक उसकी रैली निकालते हैं, उसके साथ रील्स बनाते हैं और सोशल मीडिया पर उसे “हीरो” की तरह प्रस्तुत करते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की प्रवृत्तियां समाज के सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। अपराध और अपराधियों का समर्थन या प्रचार अप्रत्यक्ष रूप से गुन्हेगारी को बढ़ावा देता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध रोकना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इसी संदर्भ में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से “तड़ीपारी” क्या होती है, इसकी जानकारी भी साझा की गई।

पुलिस विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जलगांव जिले में वर्तमान समय में विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कई तड़ीपार आदेश लागू हैं—

बीपी एक्ट की धारा 55 के अंतर्गत : 9 तड़ीपार

धारा 56 के अंतर्गत : 54 तड़ीपार

धारा 57 के अंतर्गत : 3 तड़ीपार

प्रशासन का मानना है कि ऐसे अपराधियों को समाज में “ग्लैमर” की तरह पेश करने के बजाय, उनके खिलाफ सामाजिक जागरूकता और सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

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