रेलवे स्क्रैप चोरी के विवाद में पुजारी की हत्या का खुलासा; भुसावल पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई गुत्थी

न कोई प्रत्यक्षदर्शी, न हथियार, न मोबाइल लोकेशन; ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर तीन आरोपी गिरफ्तार

भुसावल | प्रतिनिधि

भुसावल शहर के समीप रेलवे लाइन के पास 55 वर्षीय पुजारी संतोष रघुवीर मंचाल की हत्या की गुत्थी भुसावल शहर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में न कोई प्रत्यक्षदर्शी था, न मोबाइल लोकेशन का सुराग, न हत्या में इस्तेमाल हथियार और न ही घटनास्थल से कोई ठोस भौतिक साक्ष्य मिला था। इसके बावजूद पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस (मानवीय गुप्त सूचना), वैज्ञानिक जांच और गहन पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

28 जून 2026 की रात रेलवे लाइन के समीप सुनसान क्षेत्र में संतोष मंचाल की हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में भुसावल शहर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्षदर्शी, तकनीकी साक्ष्य या हत्या में प्रयुक्त हथियार उपलब्ध नहीं था।

घटना की जानकारी मिलते ही जलगांव के पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गावित, भुसावल के उपविभागीय पुलिस अधिकारी केदार बारबोले, स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) के पुलिस निरीक्षक राहुल गायकवाड़, भुसावल शहर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक महेश गायकवाड़ तथा बाजारपेठ पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच के आवश्यक निर्देश दिए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के जबड़े और पसलियों पर गंभीर मारपीट के कारण मौत होने की पुष्टि हुई। चूंकि हत्या में किसी हथियार का उपयोग नहीं किया गया था, इसलिए पुलिस ने यह संभावना जताई कि आरोपी शारीरिक रूप से मजबूत, बॉक्सर या प्रशिक्षित खिलाड़ी हो सकते हैं।

जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक हल्दी समारोह में हुई मारपीट का वीडियो लगा। वीडियो में बॉक्सर के रूप में पहचाने जाने वाले हर्षल राजू वर्मा एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई करते दिखाई दिए। उनकी गतिविधियों और आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस ने उन पर निगरानी शुरू की।

मानवीय गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने हर्षल राजू वर्मा तथा उसके साथियों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन लगातार पूछताछ के दौरान उनके बयानों में विरोधाभास सामने आने पर उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया।

जांच में हर्षल राजू वर्मा, क्षितिज संजय भालेराव और प्रफुल उत्तम जाधव की हत्या में प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने आई।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे रेलवे का लोहे का स्क्रैप चोरी करने गए थे। उसी दौरान संतोष मंचाल वहां पहुंच गए। इस बात को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया। गुस्से में तीनों आरोपियों ने संतोष मंचाल की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस चुनौतीपूर्ण मामले के खुलासे में भुसावल शहर पुलिस थाने, स्थानीय अपराध शाखा तथा बाजारपेठ पुलिस थाने की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस निरीक्षक महेश गायकवाड़, एलसीबी के पुलिस निरीक्षक राहुल गायकवाड़, सहायक पुलिस निरीक्षक, पुलिस उपनिरीक्षक तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने गुप्त सूचना संकलन, तकनीकी विश्लेषण, संदिग्धों की निगरानी और पूछताछ के माध्यम से जांच को अंजाम दिया।

बहुत कम सुरागों के बावजूद मानवीय गुप्त सूचना, वैज्ञानिक जांच पद्धति और विभिन्न पुलिस टीमों के समन्वय से भुसावल पुलिस ने मात्र 24 घंटे में इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा कर एक बार फिर अपनी पेशेवर दक्षता का परिचय दिया।

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