बहकर जाने वाले पानी की हर बूंद रोकें; जलसंधारण को जन आंदोलन का स्वरूप दें – पालकमंत्री गुलाबराव पाटील

‘वॉक फॉर वॉटर’ के माध्यम से ‘पानी रोकें, पानी जमीन में उतारें, पानी बचाएं’ का संदेश; जलसंधारण अभियान को 100 प्रतिशत सफल बनाने की अपील

‘महा वॉकेथॉन’ को जलगांवकरों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद; जलसंधारण की शपथ लेकर जलसमृद्ध जिले का संकल्प

जलगांव: पानी की समस्या अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की समस्या है। बारिश कितनी और कब होगी, यह हमारे हाथ में नहीं है; लेकिन बारिश के पानी को बहकर जाने से रोकना और उसे जमीन में उतारना हमारे हाथ में है। जलसंकट पर दीर्घकालीन रूप से काबू पाने के लिए बहकर जाने वाली पानी की हर बूंद को रोकना आवश्यक है। जलसंधारण केवल सरकार का कार्यक्रम न रहकर जनभागीदारी से इसे व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन पानी आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने किया।

जलसंधारण दिवस के अवसर पर जलगांव के सागर पार्क में आयोजित ‘महा वॉकेथॉन – वॉक फॉर वॉटर’ के शुभारंभ अवसर पर वे बोल रहे थे। पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने हरी झंडी दिखाकर महा वॉकेथॉन का शुभारंभ किया। इस उपक्रम को जलगांववासियों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला।

इस अवसर पर सांसद स्मिताताई वाघ, विधायक सुरेश भोळे, महापौर दीपमाला काळे, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर, नशिराबाद नगर परिषद के नगराध्यक्ष योगेश पाटील, उपवनसंरक्षक सौरीश सहाय, जलसंपदा विभाग के अधीक्षक अभियंता संतोष भोसले, कार्यकारी अभियंता विनोद पाटील, उत्तम दाभाडे सहित अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

‘पानी रोकें, पानी जमीन में उतारें’ बना जलसंधारण का मूलमंत्र

पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुधाकरराव नाईक ने ‘पानी रोकें, पानी जमीन में उतारें’ का मूलमंत्र देते हुए राज्य में जलसंधारण के कार्यों को व्यापक दिशा दी थी। जलसंधारण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की प्रेरणा कायम रखने के लिए उनके जन्मदिन 21 अगस्त को जलसंधारण दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा, “आज ‘वॉक फॉर वॉटर’ में शामिल होकर पानी के लिए चलने वाला प्रत्येक नागरिक इस अभियान का वास्तविक भागीदार बना है। प्रत्येक कदम के माध्यम से गांव-गांव तक ‘पानी रोकें, पानी जमीन में उतारें और पानी बचाएं’ का संदेश पहुंचना चाहिए।”

15 अगस्त से 26 जनवरी तक जलसंधारण अभियान

सरकार ने 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक जलसंधारण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। केवल आज का कार्यक्रम आयोजित हो जाने से अभियान समाप्त नहीं होगा। गांव-गांव में नालों, तालाबों और पाझर तालाबों की सफाई के साथ ही पानी रोकने और उसे जमीन में उतारने के कार्य जनभागीदारी से किए जाने चाहिए।

अधिकारी और कर्मचारियों को इस अभियान को प्रत्यक्ष कार्य के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए। साथ ही नागरिकों को भी केवल सरकार पर निर्भर न रहते हुए अपने गांव का पानी गांव में ही रोकने के लिए आगे आना चाहिए, ऐसा आह्वान पालकमंत्री ने किया।

पानी बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी

पानी बचाना केवल किसानों अथवा ग्रामीण क्षेत्रों का विषय नहीं है, बल्कि शहर के प्रत्येक नागरिक की भी उतनी ही जिम्मेदारी है। विशेष रूप से युवाओं को पानी बचाने की शुरुआत अपने घर से करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “आज की वॉकेथॉन कुछ किलोमीटर के बाद समाप्त हो जाएगी; लेकिन ‘पानी बचाना है और आने वाली पीढ़ी के लिए इसे सुरक्षित रखना है’ यह विचार यहीं नहीं रुकना चाहिए। यह संदेश प्रत्येक घर तक पहुंचना चाहिए।”

जलसमृद्ध जलगांव का संकल्प

‘वॉक फॉर वॉटर’ के माध्यम से पैदा हुई जनजागरूकता को गांव-गांव में वास्तविक जलसंधारण कार्यों में बदलना चाहिए। ‘पानी रोकना है, पानी जमीन में उतारना है, पानी बचाना है और जलगांव जिले को जलसमृद्ध बनाना है’, ऐसा संकल्प प्रत्येक नागरिक को लेना चाहिए तथा जलसंधारण अभियान को 100 प्रतिशत सफल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता दर्ज करनी चाहिए, ऐसी अपील पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने की।

कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को जलसंधारण और जल बचत की शपथ दिलाई गई। महा वॉकेथॉन के समापन अवसर पर विधायक सुरेश भोळे के हाथों प्रथम, द्वितीय और तृतीय क्रमांक के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का प्रास्ताविक जलसंधारण विभाग के कार्यकारी अभियंता अमोल पाटील ने किया। संचालन संदीप केदार ने किया, जबकि आभार जिला परिषद सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता अविनाश पारधी ने माना।

 

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