‘गो-ग्रीन’ योजना से दो लाख बिजली उपभोक्ताओं को सालाना 2.28 करोड़ रुपये की बचत महावितरण की पर्यावरण अनुकूल पहल को जळगांव परिमंडल में मिला अच्छा प्रतिसाद जलगांव | प्रतिनिधि महावितरण की पर्यावरण अनुकूल ‘गो-ग्रीन’ योजना को जळगांव परिमंडल में उपभोक्ताओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। परिमंडल के 1 लाख 90 हजार 433 बिजली उपभोक्ताओं ने कागजी बिजली बिल बंद कर ई-बिल को अपनाया है। इससे उपभोक्ताओं को प्रतिवर्ष 2 करोड़ 28 लाख 51 हजार 960 रुपये की सीधी बचत हो रही है। महावितरण द्वारा ‘गो-ग्रीन’ योजना के माध्यम से बिजली बिल के लिए कागज के उपयोग को कम करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस योजना के तहत कागजी बिल के स्थान पर केवल ई-मेल और एसएमएस के माध्यम से बिजली बिल प्राप्त करने का विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं को प्रति वर्ष 120 रुपये की छूट दी जाती है। विशेष बात यह है कि योजना में शामिल होने के बाद उपभोक्ता के पहले ही बिजली बिल में आगामी 12 महीनों की 120 रुपये की पूरी छूट एकमुश्त प्रदान की जाती है। पहले यह छूट प्रत्येक बिल में 10-10 रुपये के रूप में दी जाती थी। महावितरण की कंप्यूटर प्रणाली में बिजली बिल तैयार होते ही पंजीकृत ई-मेल और मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से बिल भेज दिया जाता है। बिल जारी होने की तारीख से सात दिनों के भीतर भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को एक प्रतिशत प्रॉम्प्ट पेमेंट छूट भी मिलती है। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध होने से बिल जमा करना और अधिक आसान हो गया है। ई-मेल के माध्यम से प्राप्त बिजली बिलों को उपभोक्ता अपने कंप्यूटर या मोबाइल में सुरक्षित रख सकते हैं। इसके अलावा महावितरण की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान बिल के साथ पिछले 11 महीनों के बिल भी उपलब्ध रहते हैं, जिन्हें आवश्यकता अनुसार डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है। महावितरण, जळगांव परिमंडल के मुख्य अभियंता आई. ए. मुलाणी ने कहा कि ‘गो-ग्रीन’ योजना से उपभोक्ताओं को प्रतिवर्ष 120 रुपये की बचत होती है। ई-बिल अपनाने से प्रॉम्प्ट पेमेंट छूट और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा का लाभ भी आसानी से मिलता है। उन्होंने सभी बिजली उपभोक्ताओं से इस पर्यावरण संरक्षण अभियान में शामिल होने की अपील की। Post navigation रासायनिक उर्वरकों का कम से कम उपयोग कर मिट्टी की उर्वरता बचाएं – जिलाधिकारी रोहन घुगे वाघुर 33 केवी विद्युत लाइन के रखरखाव हेतु 4 जुलाई को शटडाउन