लालमाटी में मंडलायुक्त का जनसंवाद, आदिवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

सहस्त्रलिंग ग्राम पंचायत प्रस्ताव, आवासों का निरीक्षण और विकास कार्यों में तेजी लाने के आदेश

जलगांव | संवाददाता

नाशिक मंडल के मंडलायुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम ने जलगांव जिले के दौरे के दौरान रावेर तहसील के सातपुड़ा पर्वतीय क्षेत्र स्थित अतिदुर्गम लालमाटी गांव में आयोजित विशेष जनसंवाद कार्यक्रम में आदिवासी नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

दौरे के दौरान डॉ. गेडाम ने लालमाटी स्थित शासकीय आदिवासी प्राथमिक एवं माध्यमिक आवासीय आश्रमशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक अध्ययन कक्ष और कक्षाओं का अवलोकन कर आधुनिक शिक्षण प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर संतोष व्यक्त किया।

ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर दिए तत्काल निर्देश

जनसंवाद कार्यक्रम में आदिवासी महिलाओं एवं ग्रामीणों ने सहस्त्रलिंग पाझर तालाब की जर्जर स्थिति, स्वास्थ्य उपकेंद्र में सुविधाओं की कमी, जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे नुकसान, सुरक्षा बाड़ लगाने की आवश्यकता, सड़क एवं नाली निर्माण, ग्राम पंचायत भवन, विद्यालय में शिक्षकों की कमी तथा गांव की उपेक्षा जैसे अनेक मुद्दे उठाए। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

सहस्त्रलिंग के लिए अलग ग्राम पंचायत का प्रस्ताव

डॉ. गेडाम ने सहस्त्रलिंग गांव के लिए अलग ग्राम पंचायत स्थापित करने का प्रस्ताव तत्काल राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही लालमाटी जिला परिषद विद्यालय में कक्षा पांचवीं शुरू करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी प्राप्त करने को भी कहा।

सावखेड़ा बुजुर्ग में आवास योजना का निरीक्षण

इसके बाद मंडलायुक्त ने सावखेड़ा बुजुर्ग स्थित आवास योजना कॉलोनी का दौरा कर लाभार्थियों से संवाद किया। उन्होंने आवासों की गुणवत्ता का निरीक्षण किया तथा लाभार्थियों की समस्याएं जानकर लंबित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

सड़क, जल जीवन मिशन और नए आवासों की मांग

सावखेड़ा के ग्रामीणों ने सावखेड़ा-लोहारा मार्ग पर पुल निर्माण, खेत मार्गों का विकास, जल जीवन मिशन के अधूरे कार्य, पुस्तकालय तथा नए आवासों की मांग रखी। इन सभी मांगों पर संबंधित विभागों को योजनाबद्ध ढंग से कार्यवाही करने के निर्देश मंडलायुक्त ने दिए।

डॉ. प्रवीण गेडाम ने कहा, “दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों द्वारा उठाई गई प्रत्येक समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।”

इस अवसर पर जिलाधिकारी रोहन घुगे, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर, निवासी उपजिलाधिकारी वैशाली चव्हाण, प्रांताधिकारी बबनराव काकडे, डीआरडीए के परियोजना संचालक राजू लोखंडे, परिवीक्षाधीन उपजिलाधिकारी दीपा जेधे, समूह विकास अधिकारी विनोद मेढे, यावल तहसीलदार मोहनमाला नाझिरकर, तालुका कृषि अधिकारी बालासाहेब वालके, तालुका चिकित्सा अधिकारी अमोल भंगाळे, जलसंवर्धन विभाग के वरिष्ठ सहायक प्रशांत भोगे, सावखेड़ा बुजुर्ग के सरपंच युवराज कराड, सावखेड़ा खुर्द के सरपंच रवींद्र बखाल, ग्राम पंचायत सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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