पेट के अंदर फटी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी, समय पर ऑपरेशन से बची 20 वर्षीय महिला की जान

डॉ. उल्हास पाटिल अस्पताल के स्त्रीरोग विशेषज्ञों ने जटिल सर्जरी कर बचाया जीवन

जलगांव | प्रतिनिधि

गर्भावस्था के दौरान उत्पन्न हुई एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा स्थिति में 20 वर्षीय महिला की जान बचाने में डॉ. उल्हास पाटिल अस्पताल के स्त्रीरोग विशेषज्ञों को बड़ी सफलता मिली है। गर्भाशय के बजाय फैलोपियन ट्यूब में विकसित हुई गर्भावस्था (एक्टोपिक प्रेग्नेंसी) के फट जाने से महिला के पेट में भारी मात्रा में आंतरिक रक्तस्राव हो गया था। समय पर सही निदान और तत्काल शल्य चिकित्सा के कारण चिकित्सकों ने उसकी जान बचा ली।

ममता (20) नामक महिला को अचानक तेज पेट दर्द, चक्कर आना और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत होने पर गंभीर अवस्था में डॉ. उल्हास पाटिल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि उसका रक्तचाप अत्यंत कम था तथा नाड़ी की गति असामान्य रूप से तेज थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रक्त जांच और सोनोग्राफी कराई गई।

जांच में पता चला कि गर्भाशय में गर्भ मौजूद नहीं था, बल्कि वह फैलोपियन ट्यूब में विकसित हो रहा था। इस दौरान ट्यूब फट जाने से पेट में बड़ी मात्रा में रक्त जमा हो गया था। चिकित्सकीय भाषा में इस स्थिति को “रप्चर्ड एक्टोपिक प्रेग्नेंसी विद हीमोपेरिटोनियम” कहा जाता है। यह अत्यंत गंभीर अवस्था होती है और समय पर उपचार न मिलने पर मरीज की जान भी जा सकती है।

रोगी की नाजुक स्थिति को देखते हुए स्त्रीरोग विशेषज्ञों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। महिला की लैप्रोटॉमी सर्जरी की गई, जिसमें पेट में जमा बड़ी मात्रा में रक्त बाहर निकाला गया तथा फटी हुई फैलोपियन ट्यूब से गर्भ को सुरक्षित निकालकर रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया। एनेस्थीसिया विभाग, ब्लड बैंक और ऑपरेशन थिएटर के कर्मचारियों के बेहतर समन्वय से यह जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सर्जरी के बाद महिला की स्थिति अब स्थिर है और वह उपचार पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रही है। समय पर सही पहचान और तत्काल चिकित्सा उपलब्ध होने से उसकी जान बचाई जा सकी।

महिला का उपचार स्त्रीरोग विभाग की प्रमुख डॉ. माया आर्विकर के मार्गदर्शन में डॉ. वैभव पाटिल, डॉ. प्राजक्ता पाटिल तथा डॉ. ऐश्वर्या चलवदे ने सफलतापूर्वक किया।

डॉ. प्राजक्ता पाटिल ने बताया कि, “एक्टोपिक प्रेग्नेंसी गर्भावस्था की एक गंभीर जटिलता है। यदि गर्भाशय के बजाय गर्भ फैलोपियन ट्यूब में विकसित होता है तो ट्यूब फटने से आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है। तेज पेट दर्द, चक्कर आना, कमजोरी या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तो महिलाओं को तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। ऐसे मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। इस मरीज को समय पर अस्पताल लाया गया और तत्काल सर्जरी किए जाने से उसका जीवन बचाया जा सका।”

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