चार वर्षीय भांजी से दुष्कर्म करने वाले ममेरे मामा को 20 वर्ष का कठोर कारावास

जलगांव न्यायालय का फैसला, पीड़िता को 15 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश

जलगांव | संवाददाता

चार वर्षीय भांजी को खेलने के बहाने बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले ममेरे मामा को अदालत ने दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही जुर्माने की राशि में से 15 हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का भी आदेश दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश का एक परिवार मजदूरी के लिए नशिराबाद थाना क्षेत्र के मन्यारखेड़ा इलाके में रह रहा था। 14 जनवरी 2022 को दोपहर करीब 12 बजे परिवार की चार वर्षीय बच्ची को उसके ममेरे मामा ने खेलने के बहाने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद नशिराबाद पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश पी. पी. बनकर ने 1 जुलाई 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और 20 वर्ष के कठोर कारावास, 20 हजार रुपये जुर्माने तथा जुर्माना न भरने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।

इस मामले में सरकार की ओर से जिला सरकारी अधिवक्ता एडवोकेट सुरेंद्र काबरा ने प्रभावी पैरवी की। पैरवी अधिकारी अमोल पाटील तथा केस वॉच के रूप में पुलिस निरीक्षक गुणवंत सोनवणे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Don`t copy text!