गरबा महोत्सव में झूमे 6 हजार समाजबंधु, 700 से अधिक जोड़ियों ने थिरकाए कदम

सिंधी-जैन समाज का संयुक्त आयोजन बना सामाजिक एकता की मिसाल; ई-बाइक सहित 2 लाख से अधिक के पुरस्कारों ने बढ़ाया उत्साह

जलगांव, प्रतिनिधि : नवरात्रोत्सव की पृष्ठभूमि में सिंधी और जैन समाज की संयुक्त पहल से सागर पार्क में रविवार को भव्य गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। करीब 6 हजार समाजबंधुओं की उपस्थिति में 700 से अधिक जोड़ियों ने गरबा और दांडिया की ताल पर जमकर उत्साह बिखेरा। पारंपरिक संस्कृति, आधुनिक संगीत और सामाजिक एकता के संगम से सजा यह आयोजन शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

अमर शहीद संत कंवरराम ट्रस्ट एवं डहरकी पंचायत की ओर से पूज्य मदाह साहेब की आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विधायक राजूमामा भोले, मनीषदादा जैन, महापौर दीपमाला काले, पंचायत अध्यक्ष प्रकाश आडवाणी, गिरीश मोतीरामानी, प्रकाश बालानी,रेशमा काळे,सहित समाज के अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

सागर पार्क के मैदान पर पहली बार आयोजित इस संयुक्त गरबा महोत्सव ने सिंधी और जैन समाज के बीच सामाजिक एकता एवं भाईचारे की नई मिसाल कायम की। अब तक अलग-अलग मंडलों में मनाए जाने वाले पारंपरिक उत्सवों की सीमाओं से आगे बढ़ते हुए दोनों समाज पहली बार एक ही मंच पर एकत्रित हुए। व्यापारिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण इन दोनों समाजों के संयुक्त आयोजन ने जलगांव में सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

गरबा महोत्सव में पारंपरिक छगड़ी से लेकर आधुनिक गरबा और दांडिया तक विभिन्न राउंड आयोजित किए गए। गुजरात से आए निर्णायकों ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। सुरती गरबा की विशेष शैली के साथ प्रसिद्ध गरबा गायिका फाल्गुनी पाठक के लोकप्रिय गीतों पर प्रतिभागियों ने जमकर गरबा किया। अंतिम दौर में शहर के बेहतरीन गरबा प्रतिभागियों के बीच हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।

पारंपरिक गुजराती परिधान में सजे प्रतिभागियों ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई। पुरुषों ने केडिया तथा महिलाओं ने चोली-घाघरा जैसी पारंपरिक वेशभूषा धारण की थी। रंग-बिरंगी पोशाकों और गरबा की ताल से पूरा सागर पार्क उत्सव के रंग में रंग गया।

ई-बाइक सहित आकर्षक पुरस्कार

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गरबा प्रतिभागियों को 2 लाख रुपये से अधिक मूल्य के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। प्रथम पुरस्कार के रूप में ई-बाइक प्रदान की गई। इसके अलावा वॉशिंग मशीन, स्मार्ट टीवी, माइक्रोवेव ओवन सहित 10 से अधिक बड़े पुरस्कार और 50 से अधिक आकर्षक पुरस्कार वितरित किए गए। विधायक राजूमामा भोले के हाथों विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

स्वादिष्ट व्यंजनों ने भी खींचा ध्यान

महोत्सव में गरबा के साथ खान-पान की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। सिंधी समाज की प्रसिद्ध आनंद पानीपुरी, डॉक्टर फुडी के फ्रेंच फ्राइज व बर्गर तथा जैन समाज की कुल्फी और वडापाव जैसे विभिन्न खाद्य पदार्थों को उपस्थित लोगों ने खूब पसंद किया।

सामाजिक समरसता का संदेश

सिंधी समाज के संयोजक प्रेम कटारिया ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जहां लोगों के बीच दूरी बढ़ती दिखाई दे रही है, वहीं सागर पार्क में दो अलग-अलग संस्कृति, बोली और जीवनशैली के लोग एक साथ आकर आदिशक्ति की आराधना कर रहे हैं। यह संयुक्त गरबा महोत्सव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला आयोजन बना है।

अगले वर्ष नौ दिवसीय महोत्सव की तैयारी

जैन समाज के संयोजक अनिल पगारिया ने बताया कि इस वर्ष संयुक्त गरबा महोत्सव का आयोजन ट्रायल के रूप में किया गया। आयोजन को मिले उत्स्फूर्त प्रतिसाद को देखते हुए आगामी वर्ष इसे नौ दिनों तक आयोजित करने का मानस है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले वर्ष यह आयोजन और भी भव्य स्वरूप में होगा।

पूरे आयोजन के दौरान गरबा, दांडिया, संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक पुरस्कारों के कारण सागर पार्क में देर रात तक उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।

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