टीम झूलेलाल न्यूज़ जलगाँव : स्नेहल प्रतिष्ठान नामक पंजीकृत बहुउद्देशीय संस्था की ओर से पिछले 25 वर्षों से पारंपरिक, सर्वसमावेशी और जनहितैषी तरीके से गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। इस वर्ष प्रतिष्ठान के गणेशोत्सव का रजत जयंती वर्ष है। ‘॥ पिंप्राळ्याचा राजा ॥’ के नाम से जलगांव शहर में प्रसिद्ध इस मंडल ने पिछले 25 वर्षों से गणेशोत्सव की सांस्कृतिक परंपरा को समाजसेवा और जनजागरण से जोड़कर रखा है। स्थापना से ही अजिंक्य कमलाकर देसाई मंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

केले के तने से बनाई पर्यावरणपूरक गणेश प्रतिमा

समाजप्रबोधन के साथ पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव का संदेश देते हुए मंडल ने लगातार दूसरे वर्ष जलगांव जिले की विशेष पहचान माने जाने वाले केले के तने से ‘पिंप्राळ्याचा राजा’ की पर्यावरणपूरक प्रतिमा तैयार करवाई है। यह प्रतिमा ठाकूर ब्रदर्स द्वारा बनाई गई है।

विसर्जन के बाद यह प्रतिमा लगभग 12 से 18 घंटे में पानी में पूरी तरह घुल जाती है। प्रतिमा के घुलने के बाद इसके घटक मछलियों के लिए खाद्य के रूप में उपलब्ध होते हैं, जिससे जल प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है। भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन श्रद्धा और सनातन परंपरा के अनुसार हो, विसर्जन के बाद प्रतिमा की अवहेलना न हो और प्रकृति को भी किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे, इसी उद्देश्य से यह पर्यावरणपूरक पहल की गई है।

डीजे को फाटा; पारंपरिक वाद्यों के साथ आगमन और विसर्जन मिरवणूक

स्नेहल प्रतिष्ठान की ओर से पिछले कई वर्षों से गणेशोत्सव में डीजे से दूरी रखते हुए पारंपरिक वाद्यों की धुन पर ‘पिंप्राळ्याचा राजा’ का आगमन समारोह और सार्वजनिक विसर्जन मिरवणूक आयोजित की जाती है। पिछले वर्ष विसर्जन मिरवणूक में भजनों की धुन पर जलगांववासियों ने उत्स्फूर्त सहभाग किया था। महिलाओं को नेतृत्व के अवसर दिए जाने के कारण गणेशोत्सव और सार्वजनिक विसर्जन मिरवणूक में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रहती है।

25 वर्षों से समाजप्रबोधन और सामाजिक उपक्रम

पिछले 25 वर्षों से गणेशोत्सव के दौरान समाजप्रबोधनात्मक कीर्तन सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान वारकरी संप्रदाय के 77 प्रसिद्ध कीर्तनकारों के कीर्तन आयोजित किए जा चुके हैं। कीर्तन महोत्सव के दौरान सेवा देने वाली विभिन्न वारकरी शिक्षण संस्थाओं को विद्यार्थियों के उपयोग के लिए सहयोग भी दिया जाता है।

प्रतिष्ठान की ओर से पिछले 25 वर्षों से नेत्र जांच शिविर, चश्मा वितरण और रक्तदान शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है। सर्दियों में जरूरतमंदों को कंबल तथा दीपावली के अवसर पर जरूरतमंद परिवारों को फराल और मिठाई का वितरण किया जाता है।

इसके अलावा जलगांव शहर में आयोजित वभिन्न सामाजिक उपक्रमों में भी स्नेहल प्रतिष्ठान की लगातार भागीदारी रही है। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर इस वर्ष भी गणेशोत्सव के माध्यम से भक्ति, परंपरा, समाजप्रबोधन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास प्रतिष्ठान की ओर से किया जा रहा है|

 

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