शिवतीर्थ पर 5 सितंबर को युवतियों की दहीहंडी का रोमांच!

15 टीमों की 685 महिला गोविंदाओं की भागीदारी; प्रत्येक गोविंदा का 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा

ढोल पथक, मर्दानी खेल, लेजर शो, आतिशबाजी और रील्स स्टार युवतियों की धमाल

जलगांव, दि. 29 (प्रतिनिधि) : नारीशक्ति का जागर, साहस का रोमांच और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का उत्सव… ऐसे अनोखे संगम के साथ ‘युवतियों की दहीहंडी 2026’ आगामी शनिवार, 5 सितंबर को शाम 6 बजे से रात 9.30 बजे तक शिवतीर्थ मैदान (जी.एस. ग्राउंड), जलगांव में आयोजित की जाएगी। भवरलाल एंड कांताबाई जैन फाउंडेशन और युवाशक्ति फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उपक्रम में स्कूल-कॉलेज की 15 टीमों से कुल 685 महिला गोविंदाएं शामिल होंगी।

‘नारीशक्ति का गजर, दहीहंडी का रोमांच’ इस संकल्पना के साथ आयोजित समारोह में युवतियों द्वारा बनाए जाने वाले साहसी मानव पिरामिड का रोमांच जलगांववासियों को देखने मिलेगा। विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल होने वाली प्रत्येक महिला गोविंदा का आयोजकों की ओर से 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कराया गया है। युवतियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस उपक्रम का व्यापक और व्यवस्थित आयोजन किया गया है।

ढोल-ताशों की गूंज और 213 ढोलवादकों की दमदार प्रस्तुति

दहीहंडी के रोमांच के साथ ही कार्यक्रम में विभिन्न आकर्षण भी देखने को मिलेंगे। ‘शौर्यवीर’ और ‘महाबली’ इन दो ढोल पथकों के कुल 213 ढोलवादक अपनी दमदार प्रस्तुति से माहौल में उत्साह भरेंगे। इसके साथ ही मर्दानी खेल, सांस्कृतिक नृत्य, रिदमिक योगा, लाइव सिंगिंग, स्लाइन डीजे, लेजर शो और आकर्षक आतिशबाजी कार्यक्रम के विशेष आकर्षण होंगे।

इसके अलावा शहर की 15 रील्स स्टार युवतियां भी दहीहंडी उत्सव में शामिल होंगी। उनके सहभाग से युवाओं में विशेष उत्साह का माहौल बनने की उम्मीद है। पारंपरिक दहीहंडी को आधुनिक मनोरंजन की जोड़ देते हुए यह समारोह जलगांववासियों के लिए यादगार बनाने की तैयारी की गई है।

‘संस्कृति की पहचान, उत्सव की शान’

‘महाराष्ट्र की एकमात्र युवतियों की दहीहंडी’ के रूप में पहचान बनाने वाले इस उपक्रम का उद्देश्य युवतियों को अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। पारंपरिक त्योहारों में युवतियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, साहस और निर्णय लेने की क्षमता को प्रोत्साहित करने का प्रयास इस आयोजन के माध्यम से किया जा रहा है।

‘देें संस्कृति की पहचान, बढ़ाएं अपने उत्सव की शान’ संदेश के साथ आयोजित इस समारोह में परिवार सहित शामिल होने का आह्वान आयोजकों ने किया है।

प्रवेश निःशुल्क

यह कार्यक्रम सभी के लिए खुला है और प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। जलगांववासियों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर युवतियों के साहस और उत्साह का उत्साहवर्धन करने की अपील भवरलाल एंड कांताबाई जैन फाउंडेशन तथा युवाशक्ति फाउंडेशन की ओर से की गई है।

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