जीतना महत्वपूर्ण, लेकिन खेल भावना बनाए रखना उससे भी ज्यादा जरूरी : पालकमंत्री गुलाबराव पाटील राष्ट्रीय खेल दिवस उत्साह के साथ मनाया गया; राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का सम्मान जलगांव, दि. 29 (जिमाका) : खेल हमें केवल जीतना ही नहीं सिखाता, बल्कि अनुशासन, मेहनत, संयम, टीम भावना और हार के बाद दोबारा उठ खड़े होने की ताकत भी देता है। जलगांव के खिलाड़ियों में प्रतिभा और जिद है। उन्हें उचित सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार मजबूती से उनके साथ खड़ी है। स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज का भी खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। इन सभी के सहयोग से जिले के खिलाड़ियों को केवल जिले के मैदान तक सीमित न रहते हुए महाराष्ट्र और देश के लिए खेलना चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जलगांव का नाम रोशन करना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन राज्य के जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री तथा पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर किया। स्थानीय श्री छत्रपति शिवाजी महाराज जिला क्रीड़ा संकुल के सभागार में मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर विधायक सुरेश भोले, उपमहापौर मनोज चौधरी, जिला क्रीड़ा अधिकारी दिलीप दिघे, नगरसेवक नीलेश तायडे, तालुका क्रीड़ा अधिकारी जगदीश चौधरी सहित जिले के श्री शिवछत्रपति पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी, प्रधानाचार्य, क्रीड़ा शिक्षक आदि उपस्थित थे। पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने आगे कहा कि जलगांव के खिलाड़ियों को बेहतर क्रीड़ा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले में करीब 250 करोड़ रुपये की विभागीय क्रीड़ा संकुल परियोजना का काम शुरू है। साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज क्रीड़ा संकुल में भी खिलाड़ियों के लिए विभिन्न सुविधाएं मंजूर की गई हैं। इन सुविधाओं का पूरा लाभ उठाकर खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत, निरंतरता और आत्मविश्वास के बल पर राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलगांव का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैदान पर जीत हासिल करने के साथ ही प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना और खेल भावना को हमेशा कायम रखना चाहिए। खेल आनंद के लिए खेलें, जीत के लिए मेहनत करें और देश का गौरव बढ़ाने के लिए जीत हासिल करें, ऐसा आह्वान पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने खिलाड़ियों से किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पालकमंत्री गुलाबराव पाटील के हाथों राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को पुष्पगुच्छ एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा देकर उसका संरक्षण एवं संवर्धन करने का आह्वान किया गया। जिला क्रीड़ा अधिकारी दिलीप दिघे ने बताया कि दो वर्ष बाद इस पौधे को स्वस्थ एवं सुंदर तरीके से विकसित करने वाले व्यक्ति को 5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन सुरेश धरपुडे एवं सचिन निकम ने किया, जबकि जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री. दिघे ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, खेलप्रेमी और विद्यार्थी उपस्थित थे। Post navigation विद्यार्थियों को प्रायोगिक, कौशल आधारित और रोजगारपरक शिक्षा देने की दिशा में विश्वविद्यालय की पहल– शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या; अमलनेर तालुका में हड़कंप