अवैध शराब के साथ रेत माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक नदी पात्र में उतरे; अधिकारियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ के निर्देश

जलगांव | प्रतिनिधि

जलगांव जिले में अवैध शराब निर्माण और रेत के अवैध उत्खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नदी पात्र और जंगल क्षेत्रों में चल रही हाथभट्ठी शराब की भट्टियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें नष्ट किया गया है। वहीं, नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर उसकी चोरी-छिपे ढुलाई करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

नदी पात्र में उतरकर किया निरीक्षण

बुधवार (19 अगस्त) को जिलाधिकारी रोहन घुगे और पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने तालुका क्षेत्र के खेड़ी, कानळदा सहित विभिन्न स्थानों के नदी पात्रों का दोपहिया वाहन से तथा पैदल जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर अवैध रेत परिवहन के संबंध में जानकारी ली।

संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। रेत के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश भी दिए गए।

हाथभट्ठी शराब की भट्टियां ध्वस्त

जिले के नदी पात्र और जंगल क्षेत्रों में अवैध रूप से चल रही देशी हाथभट्ठी शराब निर्माण की भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। विभिन्न स्थानों पर भट्टियों को ध्वस्त कर शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को नष्ट किया गया। साथ ही अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ संबंधित पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए हैं।

आधी रात को रेत परिवहन पर कार्रवाई

रेत माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने आधी रात को भी कार्रवाई का सिलसिला जारी रखा। धरनगांव पुलिस ने शालिक संजय चव्हाण (26) और विवेक शेषराव सपकाळे (24, निवासी नाराणे, तहसील धरनगांव) के खिलाफ कार्रवाई की।

सावदा पुलिस ने सुरेश जगन्नाथ सोनवणे (48, निवासी पिंपरुड, तहसील यावल) के खिलाफ कार्रवाई की। वहीं रावेर पुलिस ने आमीन शब्बीर तड़वी (22) और अकील लतीब तड़वी (निवासी पाल, तहसील रावेर) के खिलाफ कार्रवाई की।

ममुराबाद से खेड़ी गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इस मामले में तालुका पुलिस थाने में रेत परिवहन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

अवैध रेत भंडारण पर भी कार्रवाई

जिले में अवैध रेत के खिलाफ कार्रवाई जारी है। निरीक्षण के दौरान पाए गए अवैध रेत भंडारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व और पुलिस प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से इन कार्रवाइयों को गति दी जा रही है।

राज्य में सबसे अधिक जुर्माना वसूली

पिछले एक वर्ष के दौरान जलगांव राजस्व प्रशासन ने अवैध रेत और अन्य राजस्व संबंधी मामलों में राज्य में सबसे अधिक जुर्माना वसूल किया है। पिछले वर्ष जिले में 700 से अधिक कार्रवाई की गई थी। अवैध गतिविधियों और रॉयल्टी से करीब 135 करोड़ रुपये का राजस्व शासन को प्राप्त हुआ था।

इस पृष्ठभूमि में आने वाले दिनों में जिले में अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई और अधिक आक्रामक होने की संभावना है।

“जिले में अवैध रेत के खिलाफ कार्रवाई जारी है। पिछले वर्ष जिले में बड़े पैमाने पर जुर्माना वसूल किया गया था। आगे भी अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आज के निरीक्षण के दौरान अवैध भंडारण पाया गया है, जिस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

— रोहन घुगे, जिलाधिकारी, जलगांव

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