जलगांव में 56.29 ग्राम मेफेड्रोन बरामद

एलसीबी और जिल्हापेठ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; दो गिरफ्तार, तीन फरार

जलगांव | प्रतिनिधि

जलगांव शहर में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी के खिलाफ स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) तथा जिल्हापेठ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 56.29 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी ड्रग्स) बरामद किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने 3 लाख 6 हजार 540 रुपये का कुल माल जब्त किया है।

‘नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे के निर्देशानुसार जिलेभर में मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 जुलाई की तड़के स्थानीय अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुल गायकवाड़ को गुप्त सूचना मिली कि छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा के पीछे स्थित शासकीय तकनीकी विद्यालय के समीप जी.एस. ग्राउंड क्षेत्र में कुछ युवक मेफेड्रोन की बिक्री के लिए आने वाले हैं।

सूचना मिलते ही एलसीबी की टीम ने मौके पर घेराबंदी की। जैसे ही तीन युवक मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दो आरोपियों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से मेफेड्रोन बरामद किया गया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 लाख 81 हजार 540 रुपये मूल्य का 56.29 ग्राम मेफेड्रोन तथा 25 हजार रुपये कीमत की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (एमएच-19-डीजे-0132) जब्त की। इस प्रकार कुल 3 लाख 6 हजार 540 रुपये का मुद्देमाल बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयेश देविदास तायडे (27, निवासी हरिओम नगर, मोहन टॉकीज के पास, जलगांव) तथा हितेंद्र शिवाजी परदेशी (31, निवासी कांचन नगर, जलगांव) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने फरार आरोपी भैय्या सोनवणे (निवासी कांचन नगर, जलगांव) से बिक्री के लिए मेफेड्रोन लिया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी जयेश तायडे के खिलाफ रामानंद नगर, जिल्हापेठ तथा जलगांव शहर पुलिस थानों में हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालने, गंभीर मारपीट तथा डकैती जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

इस मामले में जिल्हापेठ पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 0217/2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8(क), 22(क) एवं 29 के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी मादक पदार्थों की बिक्री, भंडारण या तस्करी की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस थाने अथवा स्थानीय अपराध शाखा को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नशामुक्त समाज के निर्माण में नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की गई है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे, अपर पुलिस अधीक्षक संदीप गावित तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी नितीन गणापुरे के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुल गायकवाड़ के नेतृत्व में संपन्न हुई।

कार्रवाई में सहायक पुलिस निरीक्षक अनिल वाघ, पुलिस उपनिरीक्षक संतोष पवार, दीपक जगदाले, जितेंद्र वल्टे, सहायक फौजदार अतुल वंजारी, हेमराज भावसार, पुलिस हेड कॉन्स्टेबल अकरम शेख, मुरलीधर धनगर, प्रविण भालेराव, महेश महाजन, विजय पाटील, किशोर पाटील, छगन तायडे, तथा पुलिस कॉन्स्टेबल प्रदीप सपकाले, राहुल रगड़े और उदय कापडणे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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