डॉक्टर्स डे पर विद्यार्थियों को चिकित्सा नैतिकता का संदेश

डॉ. गुणवंतराव सरोदे आयुर्वेद महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय डॉक्टर्स डे उत्साहपूर्वक मनाया गया

जलगांव | प्रतिनिधि

गोदावरी फाउंडेशन द्वारा संचालित डॉ. गुणवंतराव सरोदे आयुर्वेद महाविद्यालय, अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में अंतरराष्ट्रीय डॉक्टर्स डे उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चिकित्सा पेशे के महत्व, रोगी सेवा में नैतिक मूल्यों तथा समाज के प्रति डॉक्टरों की जिम्मेदारियों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. उमाकांत चौधरी और डॉ. साझिया खान ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का पेशा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों का पालन, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, सेवा भावना और व्यावसायिक ईमानदारी के महत्व पर विशेष जोर दिया। साथ ही विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे चिकित्सा ज्ञान के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के डीन डॉ. हर्षल बोरोले ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा में समर्पण, निरंतर अध्ययन, अनुशासन, सेवा भावना तथा एक सफल और संवेदनशील चिकित्सक बनने के लिए आवश्यक गुणों के बारे में प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सक का सर्वोच्च कर्तव्य रोगी सेवा और समाज के हित में कार्य करना होना चाहिए।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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