महावितरण के निदेशक राजेंद्र पवार को राष्ट्रीय ‘एमिनेंट इंजीनियर’ पुरस्कार घोषित

‘द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया)’ अगस्त में करेगा सम्मानित

जलगांव | प्रतिनिधि : महावितरण कंपनी के निदेशक (मानव संसाधन) राजेंद्र पवार को विद्युत क्षेत्र में पिछले 37 वर्षों के उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया)’ की ओर से देश का प्रतिष्ठित ‘एमिनेंट इंजीनियर’ पुरस्कार घोषित किया गया है।

यह पुरस्कार उन्हें आगामी 21 और 22 अगस्त को अमरावती में आयोजित ‘आईईआई’ के 41वें राष्ट्रीय विद्युत अभियंता अधिवेशन में प्रदान किया जाएगा। दो दिवसीय इस अधिवेशन में ‘विकसित भारत का लक्ष्य : एआई और हरित प्रौद्योगिकी के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र का कायापलट’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा।

वर्ष 1920 में स्थापित ‘द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया)’ देश की सबसे बड़ी पेशेवर इंजीनियरिंग संस्था है, जिसका मुख्यालय कोलकाता में स्थित है। संस्था के देशभर में 125 से अधिक स्थानीय केंद्र कार्यरत हैं।

राजेंद्र पवार ने विद्युत अभियांत्रिकी की डिग्री प्राप्त करने के बाद महावितरण में कनिष्ठ अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक विभिन्न पदों पर कार्य किया है। अपने 36 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों सहित घरेलू, कृषि, व्यावसायिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में नई विद्युत व्यवस्थाओं की स्थापना, नए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

अप्रैल 2025 से वे महावितरण के निदेशक (मानव संसाधन) के पद पर कार्यरत हैं। विद्युत क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और दीर्घकालीन योगदान को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि पर ऊर्जा क्षेत्र और सामाजिक स्तर पर उन्हें बधाइयाँ दी जा रही हैं।

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