जलगांव में ‘सोशल मीडिया का जिम्मेदार उपयोग’ कार्यशाला का उत्साहपूर्ण आयोजन डिजिटल युग में सकारात्मक और प्रभावी उपयोग पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन जलगांव | प्रतिनिधि अजिंठा फिल्म सोसायटी, बालरंगभूमी परिषद (जलगांव), रिफ्लेक्शन फाउंडेशन संचालित पालक शाला तथा डॉ. अण्णासाहेब जी. डी. बेंडाळे महिला महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला ‘सोशल मीडिया का जिम्मेदार उपयोग’ उत्साहपूर्वक संपन्न हुई। कार्यशाला में डिजिटल युग में सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक का सकारात्मक, सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग कैसे किया जाए, इस विषय पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता सोशल मीडिया विशेषज्ञ तथा बालरंगभूमी परिषद (केंद्रीय) के प्रभारी प्रमुख कार्यवाह योगेश शुक्ल थे, जबकि कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. जी. डी. बेंडाळे महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. के. नारखेडे ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अजिंठा फिल्म सोसायटी के सचिव विनीत जोशी ने प्राचार्य डॉ. नारखेडे का स्वागत किया, वहीं प्राचार्य डॉ. नारखेडे ने योगेश शुक्ल का सम्मान किया। कार्यक्रम का प्रास्ताविक डॉ. सुचित्रा लोंढे ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अजिंठा फिल्म सोसायटी और डॉ. जी. डी. बेंडाळे महिला महाविद्यालय के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही, फेडरेशन ऑफ फिल्म सोसायटीज ऑफ इंडिया (वेस्टर्न रीजन) की कार्यकारिणी में सदस्य नियुक्त होने पर विनीत जोशी का महाविद्यालय की ओर से विशेष सम्मान किया गया। अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. आर. के. नारखेडे ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज जागरूकता, जनहित और सकारात्मक विचारों के प्रसार के लिए सोशल मीडिया एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है। उन्होंने भविष्य में महाविद्यालय की छात्राओं के लिए भी ऐसी विशेष कार्यशाला आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की। मार्गदर्शन सत्र में योगेश शुक्ल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सोशल मीडिया के बीच संबंध को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि अब तक एआई क्षेत्र में अधिकांश कार्य अंग्रेजी भाषा में हुआ है, जबकि मराठी भाषा में गुणवत्तापूर्ण डिजिटल सामग्री तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न एआई आधारित एप्लिकेशन, कंटेंट निर्माण के आधुनिक उपकरण, सोशल मीडिया एल्गोरिदम की कार्यप्रणाली तथा पोस्ट और वीडियो को अधिक लोगों तक पहुंचाने की तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावी हैशटैग का उपयोग, आकर्षक वीडियो निर्माण और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा के लिए किन सावधानियों का पालन करना चाहिए। कार्यशाला के अंतिम सत्र में प्रतिभागियों ने स्वयं एआई टूल्स का उपयोग कर वीडियो तैयार किए। व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलने से प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यशाला में अजिंठा फिल्म सोसायटी, देवगिरी चित्र साधना, रिफ्लेक्शन फाउंडेशन, बालरंगभूमी परिषद के कार्यकर्ता, मूळजी जेठा महाविद्यालय तथा जी. डी. बेंडाळे महिला महाविद्यालय के प्राध्यापक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। चित्रसाधना के प्रांत संयोजक किरण सोहळे ने आगामी गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन प्रा. वर्षा उपाध्ये ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कार्यशाला प्रमुख डॉ. सचिन कुंभार ने किया। इस अवसर पर फिल्म सोसायटी के उपाध्यक्ष अनिल भोळे, डॉ. जयेंद्र लेकुरवाळे, डॉ. श्रद्धा शुक्ल, पियुषभाई रावळ, डॉ. सुचित्रा लोंढे, एडवोकेट अनघा गोडबोले, पार्थ ठाकर, प्रा. कमलाकर रुगे, संतोष सोनवणे, प्रा. पुरुषोत्तम महाजन सहित अनेक गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित थे। Post navigation ‘एक भारत… एक सुर’ कार्यक्रम से रोटरी ने दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश आकाशीय बिजली गिरने से तपत कठोरा के 21 वर्षीय युवक की मौत