आदिशक्ति मुक्ताई के चरणों में पालकमंत्री की प्रार्थना; किसान सुखी रहें, राज्य में भरपूर वर्षा हो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निभाया वादा; माता गंगूबाई शिंदे की स्मृति में पालखी सोहले को भेंट किया गया चांदी का रथ जलगांव, : “आदिशक्ति मुक्ताई की कृपा से राज्य में भरपूर वर्षा हो, अन्नदाता किसान की मेहनत सफल हो तथा किसान, वारकरी और आम जनता के जीवन में सुख-समृद्धि का वास हो,” ऐसी प्रार्थना महाराष्ट्र के जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री तथा जळगांव जिले के पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने संत मुक्ताबाई पालखी सोहले के शुभारंभ अवसर पर की। विशेष बात यह रही कि कई दिनों से लापता मानसून ने इसी दौरान मुक्ताईनगर तालुका और जळगांव जिले में अच्छी बारिश की, जिससे किसानों और वारकरी भक्तों में खुशी का माहौल देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे माता मुक्ताई की कृपा बताया और कहा कि उन्होंने वारकरियों तथा किसानों की पुकार सुन ली। उपमुख्यमंत्री का वादा हुआ पूरा इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा पिछले वर्ष दिया गया वादा भी पूरा किया गया। उनकी माता गंगूबाई शिंदे की स्मृति में संत मुक्ताबाई पालखी सोहले के लिए विशेष सागवान की लकड़ी से निर्मित तथा जर्मन सिल्वर की परत चढ़ा भव्य रथ भेंट किया गया। इस रथ ने इस वर्ष के पालखी सोहले का आकर्षण और बढ़ा दिया है तथा वारकरी समुदाय में कृतज्ञता की भावना दिखाई दी। भक्तिमय वातावरण में पालखी यात्रा का शुभारंभ मुक्ताईनगर से आदिशक्ति संत मुक्ताबाई पालखी सोहले का उत्साहपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। पालकमंत्री गुलाबराव पाटील, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन तथा वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे ने कोथळी स्थित संत मुक्ताबाई मंदिर में दर्शन कर पालखी का पूजन किया। इसके बाद पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने स्वयं पालखी का सारथ्य करते हुए यात्रा को रवाना किया। टाल-मृदंग की गूंज, “ज्ञानोबा माऊली-तुकोबा माऊली” के जयघोष और हजारों वारकरियों की उपस्थिति में संत मुक्ताबाई की पालखी पंढरपुर की ओर प्रस्थान कर गई। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस अवसर पर विधायक चंद्रकांत पाटील, संत मुक्ताई संस्थान के अध्यक्ष रवींद्र पाटील, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निजी सचिव बालाजी खतगांवकर, दिंडी सोहला प्रमुख रवींद्र महाराज हरणे, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा हजारों वारकरी एवं श्रद्धालु उपस्थित थे। वारकरियों के लिए विशेष सुविधाएं अपने संबोधन में पालकमंत्री गुलाबराव पाटील ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पिछले वर्ष जो वादा किया था, उसे इस वर्ष पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि भगवान पांडुरंग की कृपा से वे मंत्री पद तक पहुंचे हैं और पिछले 35 वर्षों में उन्होंने एक भी वारी नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से वारकरियों के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं तथा इस वर्ष भी विशेष रेलगाड़ी की व्यवस्था की गई है। साथ ही संत मुक्ताई संस्थान के विकास के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। संत परंपरा का गौरव जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने महाराष्ट्र की संत परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि संत मुक्ताई पालखी को राज्य में विशेष सम्मान प्राप्त है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संत मुक्ताई देवस्थान के विकास कार्यों के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि देवस्थान के शेष विकास कार्यों के लिए आवश्यक 15 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से चर्चा कर मंजूर कराए जाएंगे तथा विकास कार्यों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। बारिश के लिए की गई प्रार्थना हुई सफल वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे ने कहा कि उनका संत मुक्ताई पालखी सोहले से भावनात्मक संबंध है। इस वर्ष वर्षा नहीं होने से चिंता का वातावरण था। मुक्ताईनगर आते समय उन्होंने “माता मुक्ताबाई, वर्षा कराओ” ऐसी प्रार्थना की थी। यहां पहुंचते ही बारिश होने से उन्हें लगा कि माता मुक्ताई ने किसानों और वारकरियों की पुकार सुन ली है। भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम ताप्ती नदी के तट से चंद्रभागा नदी के तट तक यात्रा करने वाली संत मुक्ताबाई की पालखी महाराष्ट्र की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली पालखियों में से एक मानी जाती है। भक्ति, श्रद्धा और संत परंपरा के इस भव्य उत्सव ने मुक्ताईनगर-कोथळी क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है और हजारों वारकरी “ज्ञानोबा-तुकोबा” के जयघोष के साथ पंढरपुर की ओर रवाना हो चुके हैं। Post navigation 50 से 60 फीट गहरे कुएं में गिरे तीन लोग; दमकल विभाग के साहसिक रेस्क्यू से टला बड़ा हादसा छत्रपति शिवाजी महाराज कॉम्प्लेक्स (सब्जी मार्केट) परियोजना का निरीक्षण