रावेर के केला उत्पादक किसानों को न्याय मिले; फसल बीमा, वेदर स्टेशन और पंचनामा को लेकर विधायक अमोल जावले की मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री से मांग रावेर | प्रतिनिधि रावेर तहसील के केला उत्पादक किसानों को पुनर्गठित मौसम आधारित फल फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में आ रही त्रुटियों के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फसल बीमा क्षेत्र में कटौती, ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन की अपर्याप्त व्यवस्था तथा बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान से हुए नुकसान के पंचनामे में हो रही देरी को लेकर विधायक अमोल जावले ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपकर किसानों को न्याय दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि रावेर तहसील राज्य के प्रमुख केला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है और हजारों किसानों की आजीविका केले की खेती पर निर्भर है। इसके बावजूद “एक्सेस एरिया (अधिक क्षेत्र)” का कारण बताते हुए जलगांव जिले में लगभग 38 हजार तथा रावेर तहसील में करीब 18 हजार किसानों के फसल बीमा क्षेत्र में कटौती कर दी गई है, जबकि कई मामलों को योजना से बाहर कर दिया गया है। विधायक जावले ने बताया कि किसानों ने वास्तविक खेती क्षेत्र के अनुसार बीमा प्रीमियम जमा किया है, लेकिन नुकसान भरपाई के समय क्षेत्र कम दर्शाया जा रहा है, जिससे हजारों किसान बीमा लाभ और मुआवजे से वंचित रह रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि अधिक क्षेत्र के आधार पर कम या निरस्त किए गए सभी फसल बीमा मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जिस पूरे क्षेत्र के लिए प्रीमियम स्वीकार किया गया है, उस क्षेत्र के लिए बीमा संरक्षण और मुआवजा मंजूर किया जाए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पुनर्गठित मौसम आधारित फल फसल बीमा योजना के अंतर्गत मौसम संबंधी आंकड़े दर्ज करने वाले ऑटोमेटिक वेदर स्टेशनों की संख्या रावेर तहसील में पर्याप्त नहीं है। इसके कारण वास्तविक नुकसान झेलने वाले किसानों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। विधायक ने मांग की है कि केवल वेदर स्टेशन के आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय प्रत्यक्ष पंचनामे के आधार पर भी नुकसान भरपाई मंजूर की जाए तथा तहसील में आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएं। उन्होंने बताया कि 30 मई तथा 1, 2 और 4 जून 2026 को हुई बेमौसम बारिश, आंधी और तेज हवाओं के कारण रावेर तहसील में हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि और राजस्व विभाग द्वारा पंचनामे शुरू किए गए हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए विधायक अमोल जावले ने अन्य जिलों से कृषि एवं राजस्व अधिकारियों की विशेष टीमें नियुक्त कर पंचनामे जल्द से जल्द पूर्ण कराने, नुकसानग्रस्त किसानों को अंतरिम आर्थिक सहायता देने तथा अंतिम सरकारी सहायता और बीमा राशि शीघ्र किसानों के खातों में जमा कराने की मांग मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रावेर तहसील के हजारों केला उत्पादक किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार इस मामले में तत्काल सकारात्मक निर्णय Post navigation तेज आंधी से सोलर प्लांट को झटका, कई पैनल क्षतिग्रस्त जलगांव जनता सहकारी बैंक ने घोषित किया 10 प्रतिशत लाभांश