जलगांव जनता सहकारी बैंक ने घोषित किया 10 प्रतिशत लाभांश

बैंक के कारोबार में 276 करोड़ रुपये की वृद्धि; जमा राशि 2,436 करोड़ रुपये पर पहुंची, नेट एनपीए शून्य

जलगांव | प्रतिनिधि
जलगांव जनता सहकारी बैंक की 48वीं वार्षिक आम सभा में सदस्यों के लिए 10 प्रतिशत लाभांश घोषित किया गया। रविवार को छत्रपति संभाजी राजे नाट्य संकुल में आयोजित सभा में बैंक के अध्यक्ष सतीश मदाने ने इसकी घोषणा की। इस अवसर पर बैंक के कुल कारोबार में 275.96 करोड़ रुपये की वृद्धि होने की जानकारी भी दी गई।

सभा की अध्यक्षता सतीश मदाने ने की। मंच पर बैंक के उपाध्यक्ष नितीन झवर, संचालक मंडल के सदस्य तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभा की शुरुआत वंदे मातरम् गीत से हुई। इसके बाद दिवंगत सदस्यों और मान्यवरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। नव नियुक्त संचालक जवाहरभाई पटेल और डॉ. विलास रेलन का सम्मान भी किया गया।

जमा राशि 2,436 करोड़ रुपये, ऋण वितरण 1,449 करोड़ रुपये

अपने अध्यक्षीय भाषण में सतीश मदाने ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक बैंक की जमा राशि में 185.38 करोड़ रुपये की वृद्धि होकर यह 2,436.28 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं ऋण वितरण में 90.58 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है और कुल ऋण वितरण 1,449.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में बैंक के कुल कारोबार में 275.96 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।

नेट एनपीए शून्य
बैंक की वित्तीय अनुशासन का उल्लेख करते हुए मदाने ने कहा कि बैंक का ग्रॉस एनपीए केवल 3.35 प्रतिशत पर नियंत्रित रखा गया है। विशेष बात यह है कि बैंक ने नेट एनपीए को शून्य प्रतिशत पर बनाए रखने में सफलता हासिल की है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

डिजिटल बैंकिंग की ओर तेज़ी से बढ़ते कदम
उपाध्यक्ष नितीन झवर ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बैंक की प्रगति, विभिन्न योजनाओं और डिजिटल बैंकिंग की दिशा में हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाथ से लिखे जाने वाले रजिस्टरों से शुरू हुआ सफर आज इंटरनेट बैंकिंग और आधुनिक डिजिटल सेवाओं तक पहुंच चुका है।
बैंक ने इंटरनेट बैंकिंग सेवा शुरू की है, जिसे ग्राहकों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। साथ ही बैंक भारतीय रिजर्व बैंक के सभी नियमों का पालन करते हुए लगातार ‘ए’ श्रेणी प्राप्त कर रही है।

स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान

ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहन देने के लिए ‘दुग्धसंपदा’ योजना चलाई जा रही है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए वर्ष 2000 से संचालित स्वयं सहायता समूह विभाग प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। वर्तमान में 3,600 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 60 हजार महिलाओं तक बैंक की सेवाएं पहुंच रही हैं।

बच्चों में बचत की आदत विकसित करने के लिए ‘बालमित्र बचत खाता’ योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत खाता खोलने वाले बच्चों को आकर्षक पिगी बैंक भी प्रदान की जाती है।

स्वर्ण जयंती वर्ष की ओर बढ़ता बैंक
बैंक अब अपने स्वर्ण जयंती वर्ष की ओर अग्रसर है। भविष्य में अन्य राज्यों में शाखा विस्तार की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए दो अध्ययन कक्ष (स्टडी रूम) शुरू करने की योजना भी बैंक द्वारा तैयार की जा रही है।

साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए ग्राहकों के लिए डिजिटल साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे सुरक्षित बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी।
सभा में प्रस्तुत सभी विषयों को उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की। मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय नागमोती ने विषय सूची का वाचन किया तथा सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान किया।

Don`t copy text!