मेयर दीपमाला काले ने अग्निशमन विभाग को दिए ‘फायर ऑडिट’ के निर्देश

दिल्ली अग्निकांड के बाद जळगांव मनपा सतर्क, सरकारी और निजी इमारतों की होगी जांच

जळगांव | प्रतिनिधि

राजधानी दिल्ली के एक होटल में हाल ही में लगी भीषण आग में 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद जळगांव महानगरपालिका प्रशासन सतर्क हो गया है। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महापौर दीपमाला मनोज काले ने शहर की सभी सरकारी और निजी इमारतों का तत्काल फायर ऑडिट (अग्नि सुरक्षा परीक्षण) कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उन्होंने महानगरपालिका के मुख्य अग्निशमन अधिकारी को लिखित आदेश जारी किए हैं।

मनपा की इमारतों का होगा प्राथमिकता के आधार पर ऑडिट

दिल्ली की घटना की जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित होटल के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं था। ऐसी कोई भी दुर्घटना जळगांव में न हो, इसके लिए महापौर ने तुरंत कदम उठाए हैं। अपने पत्र में उन्होंने महानगरपालिका की सभी संपत्तियों, प्रशासनिक भवनों, प्रभाग कार्यालयों, मनपा संचालित अस्पतालों तथा व्यावसायिक संकुलों का प्राथमिकता के आधार पर फायर ऑडिट करने की आवश्यकता बताई है।

निजी संस्थानों की भी होगी जांच

महापौर ने केवल मनपा की इमारतों तक ही सीमित न रहते हुए शहर के निजी अस्पतालों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अग्निशमन विभाग से यह जानकारी मांगी है कि संबंधित संस्थानों को वैध अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया है या नहीं।

विस्तृत रिपोर्ट मांगी

महापौर दीपमाला काले ने अग्निशमन विभाग को निर्देश दिए हैं कि शहर के सभी प्रमुख निजी और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की स्थिति का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर शीघ्र उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिल्ली की घटना से सबक लेते हुए जळगांव महानगरपालिका ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी है, जिससे भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके और नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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