जलगांव में अंधेरा दूर करने की पहल; विधायक भोले लगवाएंगे 200 स्ट्रीट लाइटें

नवरात्रि-दिवाली से पहले अपने खर्च पर रोशनी की व्यवस्था; मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

जलगांव, प्रतिनिधि : शहर के कई इलाकों में लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण अंधेरा छाया हुआ है। इस समस्या को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद विधायक सुरेश भोले ने पहल की है। नवरात्रि और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान नागरिकों को अंधेरे में परेशानी न हो, इसके लिए उन्होंने अपने खर्च पर 200 नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उन्होंने महानगरपालिका आयुक्त को पत्र लिखकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।

त्योहारों के बीच अंधेरे में जलगांव! बंद स्ट्रीट लाइटों से नागरिक परेशान

कर वसूली ही जिम्मेदारी है क्या?

विधायक भोले ने सवाल उठाया कि शहर में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी महानगरपालिका की जिम्मेदारी है, लेकिन स्ट्रीट लाइटों की समस्या पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। सरकार की ओर से स्ट्रीट लाइटों के लिए एजेंसी नियुक्त की गई है और महानगरपालिका की महासभा में प्रस्ताव भी पारित किया गया है। इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को संबंधित एजेंसी के कामकाज पर आपत्ति है, तो महासभा के प्रस्ताव पर उचित निर्णय लेकर शासन को सूचित किया जाना चाहिए। लेकिन शहर की प्रकाश व्यवस्था को लेकर निर्णय में देरी करना उचित नहीं है। महानगरपालिका केवल कर वसूली तक अपनी जिम्मेदारी सीमित न रखे, बल्कि नागरिकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी गंभीरता से काम करे।

अंधेरे वाले इलाकों का होगा सर्वेक्षण

विधायक भोले ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान भी उन्होंने अपने खर्च पर शहर में 150 नई स्ट्रीट लाइटें लगवाई थीं। अब दूसरे चरण में 200 और लाइटें लगाई जाएंगी। जहां हाईमास्ट लाइटें बंद हैं या मौजूदा लाइटों से पर्याप्त रोशनी नहीं मिल रही है, ऐसे स्थानों पर नई लाइटें लगाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके लिए एक विशेष टीम शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण करेगी। जिन स्थानों पर अंधेरा रहता है, उनकी सूची तैयार कर वहां प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनाने की कार्रवाई की जाएगी।

अंधेरे के कारण सुरक्षा पर खतरा

विधायक सुरेश भोले ने कहा कि स्ट्रीट लाइटों को लेकर नागरिकों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। नवरात्रि और दिवाली के दौरान बाजारों तथा सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में पर्याप्त रोशनी होना नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

 

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