जलगांव में सूखे का संकट; पानी बर्बाद करने वालों पर होगी दंडात्मक कार्रवाई!

महापौर दीपमाला काले ने नागरिकों से की पानी बचाने की अपील; नलों में टोंटी लगाना अनिवार्य

जलगांव, प्रतिनिधि : पिछले चार महीनों में संतोषजनक बारिश नहीं होने के कारण राज्य सरकार ने जलगांव जिले के सभी 15 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जलगांव शहर महानगरपालिका ने पानी के नियोजन और बचत को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

मंगलवार (6 अक्टूबर) को महापौर दीपमाला काले ने जलापूर्ति विभाग की विशेष बैठक लेकर शहर में पानी की आपूर्ति और नियोजन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जलापूर्ति विभाग प्रमुख घृष्णेश्वर सालुंखे सहित संबंधित अभियंता और अधिकारी उपस्थित थे। शहर में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

महापौर ने बताया कि पिछले समय में वाघूर बांध में पर्याप्त जलसंचय सुरक्षित रखा गया था। इसलिए मौजूदा सूखे की स्थिति में यह जलसंचय शहर के लिए बड़ा सहारा साबित हो रहा है। बांध में आगामी जून महीने तक पर्याप्त पानी उपलब्ध है। हालांकि, इस पानी को जून तक बनाए रखने के लिए नागरिकों को सख्ती से पानी की बचत करनी होगी।

शहर के कई इलाकों में आवश्यकता से अधिक समय तक पानी छोड़े जाने और पानी बर्बाद होने की शिकायतें मिल रही हैं। इसे देखते हुए सभी क्षेत्रों का सर्वे कर जलापूर्ति का समय समान निर्धारित करने के निर्देश महापौर ने अधिकारियों को दिए हैं, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके।

नलों में टोंटी लगाना अनिवार्य; दो दिन बाद कार्रवाई

महानगरपालिका ने शहर के सभी नागरिकों से अपने घरेलू और व्यावसायिक नलों में तत्काल टोंटी लगाने की अपील की है। जिन नलों में टोंटी नहीं होगी अथवा जो पानी बहने देंगे, उनके खिलाफ अगले दो दिनों के बाद महानगरपालिका द्वारा सीधे दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

शहर में कहीं भी पानी की बर्बादी होती दिखाई देने पर नागरिक फोटो सहित इसकी जानकारी महानगरपालिका को दे सकते हैं। जानकारी देने वाले नागरिक का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।

खुले नलों या पाइप के जरिए नाली में पानी छोड़ना, धूल अथवा सफाई के लिए सड़क पर पानी डालना तथा पाइप से वाहनों को धोना जैसे तरीकों से पानी बर्बाद करने वालों के फोटो सहित सबूत मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, ऐसा महापौर दीपमाला काले ने चेतावनी दी है।

सूखे की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और पानी की एक-एक बूंद बचाने में प्रशासन का सहयोग करे, ऐसा आह्वान महानगरपालिका प्रशासन की ओर से किया गया है।

Don`t copy text!