टीम झूलेलाल न्यूज जलगांव (मालपिंपरी) दी — डॉ. उल्हास पाटिल कृषि महाविद्यालय जलगांव कृषि राजदूत देवपिंपरी और मालपिंपरी कृषि मेले का आयोजन किया गया और किसानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
मेला (गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक, जामनेर) माननीय श्री सुभाष अहिरे सर ने दीप प्रज्वलन के साथ मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्ष सुनीता ज्ञानेश्वर पाटिल (सरपंच मालपिंपरी), डॉ. उल्हास पाटिल कृषि महाविद्यालय जलगांव प्राचार्य डॉ. शैलेश तायड़े, मुख्य रूप से उपस्थित थे। संजय रमेश पाटिल (उपसरपंच देवपिंपरी), माननीय धनंजय रामधन पाटिल (पुलिस पाटिल मालपिंपरी), मुख्य मार्गदर्शक माननीय भागवत किसन चिमकर (वनस्पति विज्ञान विभाग) (डॉ. उल्हास पाटिल कृषि महाविद्यालय, जलगांव), माननीय मिलिंद पाटिल सर (सहायक कृषि अधिकारी), माननीय शरद सुरदकर (सहायक कृषि अधिकारी, देवपिंपरी), माननीय राहुल बावस्कर (सहायक कृषि अधिकारी, मालपिंपरी), माननीय जगदीश पाटिल (विनय एग्रो, मालपिंपरी), माननीय बापू कालबैले, माननीय किरण भाऊ पाटिल, माननीय रवि हड़प (उपसरपंच, पलासखेड़े), माननीय दीपक डोंगरे (प्लांटो कंपनी प्रतिनिधि), माननीय पंकज पाटिल (आदर्श कंपनी प्रतिनिधि), माननीय प्रज्वल देशमुख (कृषि स्नातक), माननीय वी. एस. पाटिल (कार्यक्रम अधिकारी) और माननीय बी. एम. गोशेतवाड़ सर (कार्यक्रम समन्वयक, डॉ. उल्हास पाटिल कृषि महाविद्यालय, जलगांव) मंच पर उपस्थित थे। सभी गणमान्यों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन कृषि राजदूत सुशांत शंकर जाधव और श्री कृष्ण पुंडलिक सोनो ने किया। बैठक का परिचय प्रो. बी. एम. गोशेतवाड़ सर ने दिया। उसके बाद कृषि राजदूत अमन मोगल और कृषि छात्रा नेहा बाविस्कर ने किसानों को बैठक के विषय के बारे में जानकारी दी। बैठक से लाभान्वित होने वाले प्रमुख मार्गदर्शक प्राचार्य डॉ. शैलेश तायडे, प्रो. बी. एम. गोंशेतवाड़, प्रो. वी. एस. पाटिल, वनस्पति विज्ञान विभाग प्रो. एन.बी. सादर, (सहायक कृषि अधिकारी) माननीय श्री मिलिंद पाटिल (सहायक कृषि अधिकारी मालपिंपरी) माननीय श्री राहुल बावस्कर, माननीय श्री दीपक डोंगरे माननीय बापू काका कालबैले, पलासखेड़े गांव के उपसरपंच माननीय श्री रवि हड़प, कृषि बैठक के उद्घाटनकर्ता (गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक जामनेर) माननीय सुभाष अहिरे ने सभी किसान भाइयों और विद्यार्थी मित्रों को टिकाऊ कृषि और समृद्ध कृषि, तरबूज की खेती तकनीक, तरबूज की खेती कैसे करें और उसकी पैदावार, महाविस्तर अधिकारी कृषि में किसानों के लिए कैसे उपयोगी होंगे, इन विषयों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया। गोन्शेतवाड़ ने धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

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